खेजड़ी (Prosopis cineraria): भारत में कहाँ उगती है और इसे कैसे लगाएँ
Prosopis cineraria
खेजड़ी भारत के सूखे उत्तर-पश्चिम की देसी पेड़ है: यह भीषण गर्मी में भी हरी रहती है, मिट्टी को उपजाऊ बनाती है और सांगरी व चारा देती है। जानिए भारत में यह कहाँ उगती है, इसे कब और कैसे लगाएँ, पहले तीन साल कैसे सँभालें, और बिश्नोई समाज के लिए यह क्यों ख़ास है।
किस्में
भारत में इस पेड़ की जानी-मानी किस्में और रूप, उनमें क्या अंतर है और वे कहाँ उगती हैं।
जारी की गई किस्म (1)
थार शोभाउपज: साल में 5.25 किलो सांगरी + 6.85 किलो लूंग (छठा साल)फली की लंबाई: कच्ची फलियाँ 13.1-20.2 सेमीकहाँ उगती है: उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र
इसे KS-1 भी कहते हैं; यह खेजड़ी की पहली किस्म है, जिसे CIAH ने 2007 में एक-समान और अधिक सांगरी उत्पादन के लिए अनुशंसित किया; इसे बडिंग (कलिका-रोपण) वाले पौधों के रूप में लगाया जाता है।
- काँटे
- काँटे रहित (बडिंग वाले पौधे)
- पेड़ का आकार
- फैलाव वाली बढ़त, घनी पत्तियाँ
- ऊँचाई
- 6 साल में 3.54 मीटर
- फली की लंबाई
- कच्ची फलियाँ 13.1-20.2 सेमी
- उपज
- साल में 5.25 किलो सांगरी + 6.85 किलो लूंग (छठा साल)
- सबसे अच्छा उपयोग
- एक-समान सांगरी (कच्ची फली) उत्पादन
स्रोत: Journal of Agriculture and Ecology (SAAER), ICAR-Central Institute for Arid Horticulture, Bikaner, ICAR-Central Institute for Arid Horticulture, Bikaner
शोध चयन (1)
खेजड़ी सिलेक्शन-2उपज: साल में 5.62 किलो सांगरी + 5.98 किलो लूंग (छठा साल)फली की लंबाई: कच्ची फलियाँ 15.32-21.81 सेमीकहाँ उगती है: उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र
यह एक शोध चयन (सिलेक्शन) है: CIAH के शोध-पत्र के अनुसार इसे "2007 में क्षेत्रीय विविधता से पहचाना गया" और "2013–2017 के दौरान CIAH, बीकानेर में परखा गया, और यह अधिक उपज वाला है"। इसकी किस्म-विमोचन सूचना या पौधे बेचने वाला कोई स्रोत नहीं मिला।
- काँटे
- काँटे रहित (बडिंग वाले पौधे)
- पेड़ का आकार
- सघन (कॉम्पैक्ट) बढ़त, घनी पत्तियाँ
- ऊँचाई
- 6 साल में 3.81 मीटर
- फली की लंबाई
- कच्ची फलियाँ 15.32-21.81 सेमी
- उपज
- साल में 5.62 किलो सांगरी + 5.98 किलो लूंग (छठा साल)
सभी किस्मों की तुलना करें
| किस्म | पेड़ का आकार | ऊँचाई | फली की लंबाई | उपज | काँटे | सबसे अच्छा उपयोग |
|---|---|---|---|---|---|---|
| थार शोभा | फैलाव वाली बढ़त, घनी पत्तियाँ | 6 साल में 3.54 मीटर | कच्ची फलियाँ 13.1-20.2 सेमी | साल में 5.25 किलो सांगरी + 6.85 किलो लूंग (छठा साल) | काँटे रहित (बडिंग वाले पौधे) | एक-समान सांगरी (कच्ची फली) उत्पादन |
| खेजड़ी सिलेक्शन-2 | सघन (कॉम्पैक्ट) बढ़त, घनी पत्तियाँ | 6 साल में 3.81 मीटर | कच्ची फलियाँ 15.32-21.81 सेमी | साल में 5.62 किलो सांगरी + 5.98 किलो लूंग (छठा साल) | काँटे रहित (बडिंग वाले पौधे) | — |
स्रोत: Samadia DK, Haldhar SM et al. (2021) Khejri (Prosopis cineraria) research for horticultural harnessing and environmental services: an appraisal. J. Agric. Ecol. 12: 1-26 – Journal of Agriculture and Ecology (SAAER); ICAR-CIAH research achievements: varieties released by CIAH – ICAR-Central Institute for Arid Horticulture, Bikaner; खेजड़ी के पौधों के विक्रय संबंधी सूचना (Khejri Thar Shobha plant sale notice, July 2026) – ICAR-Central Institute for Arid Horticulture, Bikaner
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
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