खेजड़ी (Prosopis cineraria): राजस्थान का राज्य वृक्ष और जयपुर में इसे कैसे उगाएँ
Prosopis cineraria
खेजड़ी राजस्थान का राज्य वृक्ष है: यह भीषण गर्मी में भी हरी रहती है, मिट्टी को उपजाऊ बनाती है और सांगरी व चारा देती है। जानिए जयपुर में इसे कब और कैसे लगाएँ, पहले तीन साल कैसे सँभालें, और बिश्नोई समाज के लिए यह क्यों ख़ास है।
इसे कैसे लगाएँ
कब लगाएँ
सबसे अच्छा समय जुलाई से अगस्त है, जब मानसून की बारिश नन्हे पौधे को मज़बूत मूसला जड़ बनाने में मदद करती है। नर्सरी के पौधों के साथ सितंबर से अक्टूबर भी ठीक है, बशर्ते पहले सूखे मौसम में पानी दिया जाए। अप्रैल से जून में न लगाएँ।
पौधा कैसा चुनें
नर्सरी का पौधा सबसे भरोसेमंद है; खेजड़ी कलम (कटिंग) से अच्छी तरह नहीं उगती। व्यावहारिक सलाह यह है कि 7–12 महीने पुराना, 30–60 सेमी ऊँचा पौधा चुनें, जो गहरी थैली में उगा हो ताकि मूसला जड़ मुड़ी न हो। अगर सांगरी जल्दी चाहिए, तो 'थार शोभा' जैसी चुनी हुई किस्मों के ग्राफ़्टेड पौधे (ICAR-CIAH) भी एक विकल्प हैं।
गड्ढा, दूरी और सुरक्षा
व्यावहारिक सलाह: 45–60 सेमी लंबा-चौड़ा-गहरा गड्ढा खोदें, निकली मिट्टी में अच्छी सड़ी गोबर की खाद मिलाकर भरें, और जहाँ दीमक ज़्यादा हो वहाँ नीम की खली डालें। पौधे को उतनी ही गहराई पर लगाएँ जितना वह नर्सरी की थैली में था। बगीचे या झुरमुट में पेड़ों के बीच 5–8 मीटर की दूरी रखें ताकि हर पेड़ पूरा फैल सके।
कम से कम दो-तीन साल तक ट्री-गार्ड ज़रूरी है, क्योंकि बकरियाँ और ऊँट छोटे पौधों को बहुत नुकसान पहुँचाते हैं।
पहले साल पानी (व्यावहारिक सलाह)
- जुलाई–सितंबर: केवल तब, जब 10 दिन या उससे ज़्यादा बारिश न हुई हो, लगभग 10 लीटर।
- अक्टूबर–फ़रवरी: हर 10–15 दिन में, 10–15 लीटर।
- मार्च–अप्रैल: हर हफ़्ते, लगभग 15 लीटर।
- मई–जून: हर 4–5 दिन में, 15–20 लीटर, सुबह जल्दी या शाम को।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
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