सहजन (मोरिंगा): भारत में ड्रमस्टिक पेड़ कहाँ उगता है और कैसे लगाएँ
Moringa oleifera
सहजन (Moringa oleifera), जिसे अंग्रेज़ी में मोरिंगा या ड्रमस्टिक ट्री कहते हैं, तेज़ी से बढ़ने वाला देशी पेड़ है, जिसकी पत्तियाँ, फूल और फलियाँ पूरे भारत में पारंपरिक सब्ज़ी हैं। जानिए इसके हिंदी और क्षेत्रीय नाम, इसे कैसे पहचानें, यह कहाँ अच्छा उगता है, हर क्षेत्र के लिए लगाने के महीनों का अनुमान, घर के पेड़ और सालाना फली की फ़सल में क्या फ़र्क़ है, छोटे पौधों को पाले और जलभराव से कैसे बचाएँ, और यह बड़ा छायादार पेड़ क्यों नहीं, बल्कि भोजन देने वाला पेड़ है।
पहले तीन साल की देखभाल
पहले तीन साल मुख्य काम हैं: तने के पास पानी न रुकने देना, सूखे दिनों में पानी देना, छोटे पौधे को पाले से बचाना और हल्की छँटाई से आकार देना।
पहला साल
नीचे के मौसम उत्तर भारत के साल के हिसाब से हैं; जहाँ बारिश पहले या बाद में आती है, वहाँ समय को उसी हिसाब से आगे-पीछे कर लें।
पानी की ज़रूरत मिट्टी, मौसम, पौधे की उम्र और हाल की बारिश पर निर्भर करती है। जड़ के आसपास की मिट्टी सूखने लगे तो पानी दें और अतिरिक्त पानी निकलने दें। ठंड या बारिश के मौसम में पानी कम दें। मिट्टी पहले से गीली हो तो तय लीटर और दिनों वाले नियम के अनुसार पानी न डालें। हमारे किसी स्रोत में घर के सहजन के लिए पानी की समय-सारणी नहीं है (TNAU की व्यावसायिक सालाना फ़सल में मिट्टी के हिसाब से हर 10–15 दिन में सिंचाई होती है)।
- मानसून (जुलाई–सितंबर): मिट्टी को ऐसा आकार दें कि पानी तने से दूर बहे; केवल लंबे सूखे अंतराल में पानी दें।
- मानसून के बाद (अक्टूबर–नवंबर): सूखी घास या पत्तियों की मल्चिंग करें (लगभग 5–8 सेमी हमारा अनुमान है), तने से दूर रखकर।
- सर्दी (दिसंबर–फ़रवरी): जहाँ सर्दियों में पाला पड़ता है, वहाँ जिन रातों में पाले का अनुमान हो, पौधे को जूट या पुराने कपड़े से ढक दें (व्यावहारिक सलाह)। कम पानी दें; गीली, ठंडी मिट्टी से जड़ सड़ सकती है।
- वसंत और गर्मी (मार्च–जून): छोटे पौधे के लिए सबसे कठिन समय। मिट्टी ज़्यादा बार जाँचें और जड़ के आसपास की मिट्टी सूखे तो सुबह या शाम गहरा पानी दें।
दूसरा साल
मानसून में पेड़ के आसपास अच्छी सड़ी गोबर की खाद या कम्पोस्ट डालें (व्यावहारिक सलाह)। लंबे सूखे में गहरा पानी दें और बारिश के बाद कम। जब तक पेड़ छोटा है, बहुत ठंडी रातों में ढकें। अगर पाले से ऊपरी हिस्सा सूख जाए, तो ठंड बीतने तक रुकें, फिर हरी लकड़ी तक काट दें; ICRAF के अनुसार काटने पर तने से, और पाले से सूखने पर ज़मीन से, सहजन जल्दी नई बढ़त देता है।
तीसरा साल
बारिश के बाद हल्की छँटाई से आकार दें; केवल लंबे सूखे में पानी दें। सूखे में पत्ते गिरना सामान्य है।
कीड़े और छँटाई
रोएँदार इल्ली (हेयरी कैटरपिलर, Eupterote mollifera) पर नज़र रखें; ICRAF के अनुसार यह पत्तियाँ झाड़ देती है। घर के बग़ीचे में पहले बिना रसायन वाले उपाय अपनाएँ: तने और पत्तियों को नियमित रूप से देखें और दस्ताने पहनकर इल्लियों के झुंड हाथ से हटाएँ, क्योंकि रोएँ त्वचा में जलन कर सकते हैं (व्यावहारिक सलाह)। TNAU की व्यावसायिक फ़सल-गाइड में फली मक्खी और पत्ती की इल्लियों जैसे खेत के कीड़ों के लिए कीटनाशक दिए गए हैं; खेत की वे मात्राएँ घर के बग़ीचे में न अपनाएँ। प्रकोप ज़्यादा हो, तो अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या उद्यान विभाग से मौजूदा सलाह लें।
छँटाई: पेड़ का आकार बनाए रखने के लिए केवल उलझी या टूटी डालियाँ हटाएँ। व्यावसायिक बहुवर्षीय सहजन के लिए TNAU Agritech फूल आने को नियमित करने के लिए टहनियों की सिरे से लगभग 70 सेमी पर मध्यम छँटाई बताता है; इसके साथ बताई गई उपज (37 किलो प्रति पेड़) खेत का आँकड़ा है, घर के पेड़ के लिए गारंटी नहीं।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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