सहजन (मोरिंगा): जयपुर के लिए तेज़ी से बढ़ने वाला ड्रमस्टिक पेड़
Moringa oleifera
सहजन (मोरिंगा) तेज़ी से बढ़ने वाला देशी पेड़ है, जिसकी पत्तियाँ, फूल और फलियाँ पारंपरिक सब्ज़ी हैं। जानिए जयपुर में इसे कब लगाएँ, छोटे पौधों को पाले से कैसे बचाएँ, और यह बड़ा छायादार पेड़ क्यों नहीं, बल्कि भोजन देने वाला पेड़ है।
मिट्टी का pH
अपनी मिट्टी का pH जाँचें
इस पेड़ के लिए अभी कोई पक्की pH सीमा नहीं है। कुछ भी मिलाने से पहले अपनी मिट्टी की जाँच कराएँ और अपने नज़दीकी KVK से पूछें।
पौधा लगाने से पहले
- अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से मिट्टी की जाँच और सलाह लें।पौधा लगाने से लगभग 8 हफ़्ते पहले
पौधा लगाते समय
- गड्ढे की मिट्टी में अच्छी सड़ी गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएँ।पौधा लगाते समय
बारिश के मौसम के बाद
- पहली बारिश के मौसम के बाद pH फिर से जाँचें, फिर साल में एक बार।पहली बारिश के मौसम के बाद
यह पेड़ कब लगाया जाता है
- उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र · जुल॰, अग॰
- उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र · फ़र॰, मार्च
यह सिर्फ़ मार्गदर्शन है। कुछ भी मिलाने से पहले अपनी मिट्टी की जाँच कराएँ (मृदा स्वास्थ्य कार्ड या अपने KVK की लैब)।
इस आधार पर
- Aonla cultivation (Unit 2) – IGNOU eGyanKosh
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
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