सहजन (मोरिंगा): जयपुर के लिए तेज़ी से बढ़ने वाला ड्रमस्टिक पेड़
Moringa oleifera
सहजन (मोरिंगा) तेज़ी से बढ़ने वाला देशी पेड़ है, जिसकी पत्तियाँ, फूल और फलियाँ पारंपरिक सब्ज़ी हैं। जानिए जयपुर में इसे कब लगाएँ, छोटे पौधों को पाले से कैसे बचाएँ, और यह बड़ा छायादार पेड़ क्यों नहीं, बल्कि भोजन देने वाला पेड़ है।
पहले 3 साल की देखभाल
पहला साल
- मानसून (जुलाई–सितंबर): उठा हुआ थाला बनाएँ ताकि पानी तने से दूर बहे। 7–10 दिन बारिश न हो, तभी लगभग 10 लीटर पानी दें।
- मानसून के बाद (अक्टूबर–नवंबर): 5–8 सेमी मोटी सूखी घास या पत्तियों की मल्चिंग करें। हर 10 दिन में लगभग 10 लीटर पानी दें।
- सर्दी (दिसंबर–फ़रवरी): पाले से बचाव सबसे ज़रूरी है। जिन रातों में तापमान लगभग 4 °C से नीचे जाने का अनुमान हो, पौधे को जूट या पुराने कपड़े से ढक दें। हर 15–20 दिन में हल्का पानी दें; गीली, ठंडी मिट्टी से जड़ सड़ सकती है।
- वसंत (मार्च–अप्रैल): हर हफ़्ते लगभग 15 लीटर।
- गर्मी (मई–जून): सबसे नाज़ुक समय। हर 4–5 दिन में 15–20 लीटर, सुबह या शाम।
दूसरा साल
मानसून में लगभग 10 किलो गोबर की खाद डालें। बारिश के बाद हर 2–3 हफ़्ते और गर्मी में हर 7–10 दिन में पानी दें। अगर पेड़ अभी 2 मीटर से छोटा है, तो बहुत ठंडी रातों में ढकें। अगर पाले से ऊपरी हिस्सा सूख जाए, तो मार्च तक रुकें, फिर हरी लकड़ी तक काट दें।
तीसरा साल
बारिश के बाद हल्की छँटाई से आकार दें; केवल लंबे सूखे में पानी दें। सूखे में पत्ते गिरना सामान्य है।
कीड़े और छँटाई
रोएँदार इल्ली (हेयरी कैटरपिलर) पर नज़र रखें, जो पत्तियाँ पूरी तरह खा सकती है; दस्ताने पहनकर इनके झुंड हटाएँ, क्योंकि रोएँ त्वचा में जलन करते हैं। आकार के लिए केवल उलझी या टूटी डालियाँ हटाएँ।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
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