कचनार (Bauhinia variegata): जयपुर में कैसे लगाएँ और इसकी कलियों का उपयोग
Bauhinia variegata
कचनार वह ऑर्किड जैसे फूलों वाला पेड़ है जो सर्दी के आख़िर में बिना पत्तों की डालियों पर फूलता है और जिसकी कलियों से कचनार की कली की सब्ज़ी बनती है। जानिए जयपुर की गर्मी और पाले में यह कैसे रहता है, इसे कब और कैसे लगाएँ, पहले तीन साल कैसे सँभालें, और मिलते-जुलते Bauhinia पेड़ों से इसे कैसे पहचानें।
मिट्टी का pH
अपनी मिट्टी का pH जाँचें
इस पेड़ के लिए अभी कोई पक्की pH सीमा नहीं है। कुछ भी मिलाने से पहले अपनी मिट्टी की जाँच कराएँ और अपने नज़दीकी KVK से पूछें।
पौधा लगाने से पहले
- अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से मिट्टी की जाँच और सलाह लें।पौधा लगाने से लगभग 8 हफ़्ते पहले
पौधा लगाते समय
- गड्ढे की मिट्टी में अच्छी सड़ी गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएँ।पौधा लगाते समय
बारिश के मौसम के बाद
- पहली बारिश के मौसम के बाद pH फिर से जाँचें, फिर साल में एक बार।पहली बारिश के मौसम के बाद
यह पेड़ कब लगाया जाता है
- उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र · जुल॰, अग॰
- उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र · फ़र॰, मार्च
यह सिर्फ़ मार्गदर्शन है। कुछ भी मिलाने से पहले अपनी मिट्टी की जाँच कराएँ (मृदा स्वास्थ्य कार्ड या अपने KVK की लैब)।
इस आधार पर
- Aonla cultivation (Unit 2) – IGNOU eGyanKosh
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
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