कचनार (Bauhinia variegata): जयपुर में कैसे लगाएँ और इसकी कलियों का उपयोग
Bauhinia variegata
कचनार वह ऑर्किड जैसे फूलों वाला पेड़ है जो सर्दी के आख़िर में बिना पत्तों की डालियों पर फूलता है और जिसकी कलियों से कचनार की कली की सब्ज़ी बनती है। जानिए जयपुर की गर्मी और पाले में यह कैसे रहता है, इसे कब और कैसे लगाएँ, पहले तीन साल कैसे सँभालें, और मिलते-जुलते Bauhinia पेड़ों से इसे कैसे पहचानें।
सांस्कृतिक महत्व
संस्कृत में कचनार को कोविदार कहते हैं। वाल्मीकि रामायण के अयोध्या कांड में लक्ष्मण, भरत के रथ के ध्वज पर बने बड़े कोविदार वृक्ष को देखकर पहचान लेते हैं कि भरत की सेना आ रही है। 25 नवंबर 2025 को अयोध्या के राम मंदिर पर जो धर्म ध्वज फहराया गया, उस पर सूर्य और ॐ के साथ कोविदार वृक्ष भी कढ़ा हुआ है।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
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