भारत में अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्र (REC) क्या हैं
REC क्या है (1 MWh), CERC के REC विनियम 2022 और 2026 का संशोधन कैसे काम करते हैं, REC कार्बन क्रेडिट से कैसे अलग है, I-REC, हरित ओपन एक्सेस, ग्रीन टैरिफ़ और स्कोप 2।
कंपनियाँ स्कोप 2 के लिए REC का इस्तेमाल कैसे करती हैं?
GHG प्रोटोकॉल की स्कोप 2 गाइडेंस (2015) कंपनियों से खरीदी गई बिजली का उत्सर्जन दो तरीकों से रिपोर्ट करने को कहती है:
- स्थान-आधारित (location-based): ग्रिड का औसत उत्सर्जन कारक इस्तेमाल होता है (भारत में CEA CO2 बेसलाइन डेटाबेस)।
- बाज़ार-आधारित (market-based): आपके पास असल में मौजूद अनुबंधों और प्रमाणपत्रों, जैसे REC, ग्रीन टैरिफ़ या PPA, के उत्सर्जन कारक इस्तेमाल होते हैं।
बाज़ार-आधारित तरीके में गिने जाने के लिए किसी साधन को गाइडेंस के स्कोप 2 गुणवत्ता मानदंड (Scope 2 Quality Criteria) पूरे करने होते हैं, जिनमें ये शामिल हैं: वह अक्षय दावे को साथ रखे, उसका हिसाब रखा जाए और आपके लिए इस्तेमाल या रद्द किया जाए, उस MWh पर वही अकेला दावा हो, और वह आपकी खपत की अवधि और बाज़ार से मेल खाए। GHG प्रोटोकॉल ने 20 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक स्कोप 2 गाइडेंस में बदलाव पर सार्वजनिक राय ली, इसलिए नियम बदल सकते हैं (GHG प्रोटोकॉल, 2026)।
व्यवसायों के लिए
- स्कोप 2 के स्थान-आधारित और बाज़ार-आधारित दोनों आँकड़े रिपोर्ट करें।
- सबूत रखें कि REC सही साल में आपकी खपत के लिए इस्तेमाल या खत्म किए गए।
- बताएँ कि आप गुणक वाले REC को कैसे गिनते हैं, क्योंकि गुणक का मतलब है कि एक प्रमाणपत्र शायद 1 MWh के बराबर न हो।
- REC से स्कोप 1 या स्कोप 3 में कटौती का दावा न करें, और उन्हें कार्बन ऑफ़सेट न कहें।
आम लोगों के लिए
भारत में घर आमतौर पर सीधे REC नहीं खरीद सकते। व्यावहारिक रास्ते हैं छत पर सोलर (rooftop solar), जहाँ आपका डिस्कॉम दे वहाँ ग्रीन टैरिफ़ चुनना, और बिजली कम इस्तेमाल करना।
स्रोत: CERC (Terms and Conditions for Renewable Energy Certificates for Renewable Energy Generation) Regulations, 2022; CERC: Notification on date of implementation of REC Regulations 2022; CERC REC (First Amendment) Regulations, 2026; CERC: Current Regulations index; PIB (Ministry of Power), 7 June 2022: Green Energy Open Access Rules; PIB (Ministry of Power), 19 July 2022: Green Energy Open Access Rules; PIB (Ministry of Power), 11 November 2022: Green Energy Open Access portal launched; GHG Protocol Scope 2 Guidance (2015); I-TRACK Foundation (I-REC Standard)
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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