कटहल का पेड़ (Artocarpus heterophyllus): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएं
Artocarpus heterophyllus
कटहल का वैज्ञानिक नाम Artocarpus heterophyllus है, अंग्रेज़ी में इसे जैकफ्रूट कहते हैं; यह भारत का मूल, बड़ा सदाबहार फल-वृक्ष है। जानिए कलमी कटहल का पेड़ कब और कैसे लगाएं, कहां लगाएं, बीज से पौधा कैसे तैयार करें, क्या यह गमले में रह सकता है, इसे कैसे पहचानें, पहले तीन साल की देखभाल और किन बातों का ध्यान रखें।
कटहल का पेड़ कैसे लगाएं
सबसे भरोसेमंद तरीका है किसी सरकारी या दूसरी भरोसेमंद नर्सरी से स्वस्थ कलमी पौधा लेकर बारिश की शुरुआत में ऐसी गहरी, अच्छे निकास वाली जगह पर लगाना जहाँ कभी पानी न भरे। TNAU कलम (ग्राफ़्टिंग) से पौधे तैयार करता है, और कलमी पेड़ बीज वाले पेड़ों से कई साल पहले फल देते हैं।
कब लगाएं
- तमिलनाडु: TNAU जून से दिसंबर बताता है। अक्टूबर–नवंबर में लगाना केवल तमिलनाडु के तट जैसी जगहों के लिए ठीक है, जहाँ मुख्य बारिश उत्तर-पूर्वी मानसून से होती है।
- पश्चिमी तट: KAU मानसून की बौछारें शुरू होते ही लगाने की सलाह देता है।
- उत्तरी मैदान, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और मध्य भारत: जुलाई–अगस्त, जब बारिश से ज़मीन अच्छी तरह भीग जाए (केवल अंदाज़ा)।
- उत्तर-पश्चिम का शुष्क क्षेत्र: जुलाई–अगस्त, और केवल वहीं जहाँ छोटे पौधों को अगली गर्मी भर पानी दिया जा सके (केवल अंदाज़ा)।
ये महीने केवल अंदाज़ा हैं: जब आपके ज़िले में बारिश से मिट्टी अच्छी तरह भीग जाए तब लगाएं, और बारिश से पहले के अप्रैल और मई के गर्म, सूखे महीनों में न लगाएं। उत्तर भारत में बारिश की शुरुआत में ही लगाएं, ताकि पहली ठंडी रातों से पहले जड़ें जम जाएँ (व्यावहारिक सलाह)।
गड्ढा, दूरी और रोपाई
- गड्ढा: TNAU 1 × 1 × 1 मीटर और KAU 60 × 60 × 60 सेमी का गड्ढा बताते हैं। निकली हुई ऊपरी मिट्टी में अच्छी सड़ी कम्पोस्ट या गोबर की खाद मिलाकर भरें, ज़मीन से थोड़ा ऊपर तक, ताकि गड्ढे में पानी न रुके (KAU)।
- दूरी: TNAU पेड़ों के बीच 8 × 8 मीटर और KAU 12–15 मीटर बताता है; ICRAF के अनुसार घने लगे पेड़ों को छाँटकर 7.5–12 मीटर की दूरी कर देनी चाहिए। बग़ीचे के पेड़ के लिए चौड़े छत्र की जगह छोड़ें। यह केवल मोटा अंदाज़ा है, घर, दीवार, पाइप या सेप्टिक टैंक से सुरक्षित दूरी नहीं, इसलिए जगह कम हो तो अपने स्थानीय उद्यान कार्यालय से पूछें।
- रोपाई: पौधे को उतनी ही गहराई पर लगाएं जितना वह थैली में था, कलम का जोड़ मिट्टी से ऊपर रखें, और डंडी से बाँध दें ताकि वह जोड़ से टूटे नहीं (KAU)। KAU देर शाम को लगाने की सलाह देता है। थावला बनाएँ, तुरंत पानी दें, और जहाँ गाय या बकरियाँ घूमती हों वहाँ पौधे की बाड़ लगाएं (व्यावहारिक सलाह)।
बीज से कटहल का पौधा कैसे तैयार करें
कटहल का ताज़ा बीज आसानी से उग आता है, पर उसे सूखने नहीं देना चाहिए: ICRAF इसके बीज को "रिकैल्सिट्रेंट" बताता है, यानी सूखने पर बीज मर जाता है। पूरी तरह पके फल के बीज लें, गूदा धो दें और जल्दी से भुरभुरी, नम मिट्टी वाली गहरी थैली में बो दें। बीज से उगे पेड़ देर से फल देते हैं, TNAU के मार्गदर्शन में लगभग 8वें साल से, और नर्सरियाँ ऐसे पौधों को कलम चढ़ाने के लिए मूलवृंत की तरह इस्तेमाल करती हैं। क्योंकि यह पेड़ लंबी मूसला जड़ बनाता है (ICRAF), पौधे को छोटी उम्र में ही उसकी पक्की जगह पर लगा दें (व्यावहारिक सलाह)।
पहले साल पानी (मोटा अंदाज़ा)
जड़ों के पास कुछ सेंटीमीटर नीचे तक मिट्टी जाँचें: जड़ वाली मिट्टी सूखने लगे तब गहरा पानी दें, बारिश के बाद पानी न दें, और तने के पास कभी पानी खड़ा न रहने दें। TNAU के अनुसार पौधा जमने तक लगभग हफ़्ते में एक बार पानी दें, फिर ज़रूरत के हिसाब से। नीचे दिए अंतराल केवल मोटा अंदाज़ा हैं, परीक्षण के नतीजे नहीं।
| मौसम | मोटा अंतराल (पहले मिट्टी जाँचें) |
|---|---|
| मानसून (जुलाई–सितंबर) | आमतौर पर ज़रूरत नहीं; केवल लंबे सूखे अंतराल में |
| मानसून के बाद और सर्दी (अक्टूबर–फ़रवरी) | मिट्टी सूखी हो तो लगभग हर 7–10 दिन |
| वसंत (मार्च) | लगभग हर हफ़्ते |
| गर्मी (अप्रैल–जून) | गर्म, सूखी जगहों में लगभग हर 3–4 दिन |
स्रोत: Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Artocarpus heterophyllus. ICRAF; TNAU Agritech Portal, Horticulture: Jack (soil, climate, propagation, planting season, spacing, pit, irrigation, bearing age, harvest, pests); Kerala Agricultural University, Centre for e-Learning (CELKAU): Jackfruit, land preparation and planting (pit, spacing, graft joint, staking, late-evening planting, never exposed to drought or frost)
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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