12A और 80G पंजीकृतदान पर कर लाभ+91 92264 92263
पौधादेशी पेड़फूलदार पौधेऔषधीय पौधे

अशोक या सीता अशोक (Saraca asoca): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएँ

Saraca asoca

असली अशोक या सीता अशोक (Saraca asoca) रामायण वाला पवित्र, नारंगी फूलों वाला पेड़ है, सड़क किनारे का ऊँचा मास्ट ट्री नहीं। जानिए इसे कैसे पहचानें, इसका वैज्ञानिक और हिंदी नाम, भारत में यह कहाँ उगता है, इसे कैसे और कब लगाएँ, और इसे कितनी छाँव और पानी चाहिए।

लाभ

फ़ायदे

असली अशोक मुख्य रूप से अपनी सुंदरता और भारतीय परंपरा में अपनी जगह के लिए लगाया जाता है, और इसकी छाल आयुर्वेद की सबसे जानी-मानी जड़ी-बूटियों में से है।

फूल और पत्तियाँ। विकासपीडिया के अनुसार इसे पत्तियों और सुगंधित फूलों के लिए सड़क किनारे भी लगाया जाता है। फूलों के गुच्छे पीले से नारंगी और फिर गहरे लाल होते हैं, और नई पत्तियाँ ताँबे जैसी लाल निकलती हैं।

मधुमक्खियाँ और कीट। गुजरात में ICAR-DMAPR के अध्ययन में सबसे ज़्यादा आने वाली बड़ी एशियाई मधुमक्खी (Apis dorsata) थी, साथ में दूसरी छोटी मधुमक्खियाँ, चींटियाँ, एक होवरफ़्लाई, एक पतंगा और तितलियाँ, और ज़्यादातर सुबह 9 से दोपहर 12 बजे के बीच आती थीं।

पारंपरिक उपयोग। तने की छाल, जिसे आयुर्वेद में अशोक कहते हैं, पारंपरिक रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े नुस्ख़ों में इस्तेमाल होती है (विकासपीडिया)। यह केवल पारंपरिक उपयोग है: इससे यह साबित नहीं होता कि यह काम करती है या सुरक्षित है, और यह चिकित्सा सलाह नहीं है। कोई भी नुस्ख़ा अपनाने से पहले योग्य डॉक्टर से बात करें, और किसी पेड़ से छाल कभी न उतारें।

  • सजावटी: सुगंधित फूलों के गुच्छे जो पीले से नारंगी और गहरे लाल होते हैं, और ताँबे जैसी लाल नई पत्तियाँ; विकासपीडिया के अनुसार इसे पत्तियों और सुगंधित फूलों के लिए सड़क किनारे लगाया जाता है।
  • परागणकर्ता: गुजरात में ICAR-DMAPR के अध्ययन में फूलों पर सबसे ज़्यादा आने वाली बड़ी एशियाई मधुमक्खी (Apis dorsata) थी, साथ में दूसरी छोटी मधुमक्खियाँ, चींटियाँ, एक होवरफ़्लाई, एक पतंगा और तितलियाँ।
  • छाया और ठंडक: घने छत्र वाला छोटा सदाबहार पेड़ (फ़्लावर्स ऑफ़ इंडिया), जो बड़ी ज़मीन घेरे बिना आँगन या मंदिर के बगीचे को छाँव दे सकता है।
  • औषधीय: तने की छाल (आयुर्वेद में अशोक) पारंपरिक रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े नुस्ख़ों में इस्तेमाल होती है (विकासपीडिया)। यह केवल पारंपरिक उपयोग है: इससे यह साबित नहीं होता कि यह काम करती है या सुरक्षित है। कोई भी नुस्ख़ा अपनाने से पहले योग्य डॉक्टर से बात करें, और किसी पेड़ से छाल कभी न उतारें।
  • सांस्कृतिक: भारत के सबसे पवित्र पेड़ों में से एक (फ़्लावर्स ऑफ़ इंडिया); बिहार सरकार के पटना चिड़ियाघर के अनुसार सीता अशोक का नाम रामायण में सीता के आश्रय से जुड़ा है और इसे अक्सर मंदिरों के पास लगाया जाता है।

स्रोत: Flowers of India: Sita Ashok (Saraca asoca); Vikaspedia (Govt of India): Saraca asoca package of practices (from Agro-techniques of selected medicinal plants); Smitha G.R. & Thondaiman V. (2016). Reproductive biology and breeding system of Saraca asoca (Roxb.) De Wilde: a vulnerable medicinal plant. SpringerPlus 5:2025 (ICAR-DMAPR, Anand, Gujarat); Sanjay Gandhi Biological Park (Patna Zoo), Govt of Bihar: Sita Ashok tree

यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।

ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें

GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।

विश्वकोश पर वापस जाएं