अशोक (मास्ट ट्री): जयपुर में इसे कैसे लगाएँ और पालें
Monoon longifolium
सड़कों पर दिखने वाला ऊँचा, सदाबहार अशोक या मास्ट ट्री। जयपुर में इसे कैसे लगाएँ और पालें, यह पक्षियों-तितलियों को क्या देता है, और यह असली अशोक (सीता अशोक) से अलग क्यों है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या यह रामायण वाला पवित्र अशोक का पेड़ है?
नहीं। यह सड़कों पर दिखने वाला ऊँचा अशोक (मास्ट ट्री) है। ग्रंथों वाला अशोक एक अलग, लाल फूलों वाला पेड़ है, जिसे सीता अशोक (Saraca asoca) कहते हैं।
क्या यह छाया देगा?
आम स्तंभ जैसा अशोक बहुत कम छाया देता है। इसकी कद्र इसकी सदाबहार सुंदरता और पक्षियों-तितलियों के आसरे व भोजन के लिए होती है।
यह कितना ऊँचा होगा?
बगीचों में आमतौर पर 8–12 मीटर, जंगल में इससे भी ऊँचा। इसकी बढ़त मध्यम गति से होती है।
क्या यह जयपुर की गर्मी और सर्दी झेल लेगा?
हाँ, देखभाल के साथ। पहले कुछ वर्ष हम इसे नियमित पानी देते हैं, मल्चिंग करते हैं, और पहली दो सर्दियों में पाले वाली रातों में इसे ढकते हैं।
क्या इस पर फूल या फल आते हैं?
हाँ। मार्च–अप्रैल में इस पर छोटे हल्के हरे तारे जैसे फूल आते हैं, और छोटे फलों के गुच्छे लगते हैं जो कोयल जैसे पक्षियों को बहुत पसंद हैं।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
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