अमरूद का पेड़ (Psidium guajava): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएं
Psidium guajava
अमरूद का वैज्ञानिक नाम Psidium guajava है, यह पूरे भारत में उगाया जाने वाला मज़बूत, छोटा फल-वृक्ष है। जानिए अमरूद का गूटी वाला पौधा कब और कैसे लगाएं, घर में कहाँ लगाएं, क्या यह गमले में उग सकता है, फूल और फल कब आते हैं, इसे कैसे पहचानें और किन बातों का ध्यान रखें।
अमरूद का पेड़ कैसे लगाएं
सबसे पक्का तरीका है कि सरकारी या किसी भरोसेमंद नर्सरी से स्वस्थ गूटी (एयर-लेयरिंग) वाला या कलमी पौधा लें और बारिश की शुरुआत में, ऐसी ज़मीन पर गड्ढे में लगाएं जहाँ कभी पानी न भरा रहे। NHB के अनुसार अमरूद का व्यावसायिक पौधा मुख्य रूप से गूटी से तैयार होता है, क्योंकि बीज से उगे पौधे अपनी माँ वाले पेड़ से बहुत अलग होते हैं।
कब लगाएं
भारत के ज़्यादातर हिस्सों में अमरूद बारिश के मौसम में लगाएं: विकासपीडिया का अमरूद कैलेंडर जुलाई में बारिश के साथ गूटी वाले पौधे लगाने को कहता है, और TNAU तमिलनाडु के लिए जून से दिसंबर बताता है। अंदाज़े के तौर पर:
- उत्तरी मैदान, उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र (राजस्थान), मध्य भारत और पूर्वी भारत: जुलाई–अगस्त।
- पूर्वोत्तर: जून–अगस्त।
- तमिलनाडु का तट: TNAU जून से दिसंबर बताता है; अक्टूबर–नवंबर में रोपण केवल ऐसी जगहों के लिए है, जहाँ मुख्य बारिश उत्तर-पूर्वी मानसून से होती है।
ये महीने केवल अंदाज़ा हैं: जब आपके ज़िले में बारिश से मिट्टी अच्छी तरह भीग जाए तब लगाएं, और गर्म, सूखे अप्रैल से जून में न लगाएं।
गड्ढा, दूरी और रोपण
- गड्ढा: विकासपीडिया का कैलेंडर लगभग 60 × 60 × 60 सेमी का गड्ढा सुझाता है (NHB भी 0.6 मीटर बताता है; TNAU 45 सेमी इस्तेमाल करता है)। NHB सलाह देता है कि खोदी गई ऊपर की आधी मिट्टी अलग रखें, गड्ढे को 2–3 हफ़्ते खुला छोड़ें, फिर ऊपर की मिट्टी में अच्छी सड़ी गोबर की खाद मिलाकर भरें और मिट्टी को बैठने दें।
- दूरी: NHB के अनुसार अमरूद आमतौर पर लगभग 6 × 6 मीटर की दूरी पर लगाया जाता है, या कुछ बाग़ों में 5 × 5 मीटर पर; TNAU 5–6 मीटर बताता है। घर में एक पेड़ के लिए उतने चौड़े छत्र की जगह छोड़ें। यह केवल मोटा अंदाज़ा है, घर, दीवार, पाइप या सेप्टिक टैंक से सुरक्षित दूरी नहीं, इसलिए जगह कम हो तो अपने स्थानीय उद्यान कार्यालय से पूछें।
- रोपण: भरे हुए गड्ढे के बीच में छोटा-सा गड्ढा बनाएँ, मिट्टी की पिंडी को तोड़े बिना उसमें रखें, आसपास की मिट्टी हल्के से दबाएँ और तुरंत पानी दें (NHB)। कलम का जोड़ हो तो उसे मिट्टी से अच्छी तरह ऊपर रखें, और आपके इलाक़े में तेज़ हवा चलती हो तो पौधे को डंडी से बाँध दें (NHB)। जहाँ मवेशी घूमते हों वहाँ बाड़ लगाएँ (विकासपीडिया)।
बीज से अमरूद उगाना
अमरूद का बीज आसानी से उग आता है, पर NHB के अनुसार बीज से उगे पेड़ अपनी माँ वाले पौधे से बहुत अलग होते हैं और देर से, लगभग 4–5 साल में फल देने लगते हैं। आज़माना चाहें तो पूरे पके फल का ताज़ा बीज निकालकर जल्दी बो दें, क्योंकि NHB के अनुसार निकालने के बाद उसकी उगने की ताक़त जल्दी घटती है; NHB के अनुसार नर्सरी की क्यारी या पॉलीथीन की थैली में यह लगभग तीन हफ़्ते में उग आता है।
पहले साल की सिंचाई (मोटा अंदाज़ा)
जड़ों के पास मिट्टी को कुछ सेंटीमीटर नीचे तक जाँचें: जब जड़ वाली मिट्टी सूखने लगे तब गहराई तक पानी दें, बारिश के बाद पानी न दें, और तने के आसपास कभी पानी भरा न रहने दें। NHB के अनुसार मानसून में लंबा सूखा न पड़े तो पानी की ज़रूरत नहीं होती, और बहुत छोटे पौधों को सूखे मौसम में हर 2–3 दिन में पानी देना पड़ सकता है। नीचे दिए अंतराल केवल मोटा अंदाज़ा हैं, परीक्षण के नतीजे नहीं।
| मौसम | मोटा अंतराल (पहले मिट्टी जाँचें) |
|---|---|
| मानसून (जुलाई–सितंबर) | आमतौर पर ज़रूरत नहीं; केवल बारिश में लंबा अंतर आने पर |
| मानसून के बाद और सर्दी (अक्टूबर–फ़रवरी) | मिट्टी सूखी हो तो लगभग हर 7–10 दिन |
| वसंत (मार्च) | लगभग हर 5–7 दिन |
| गर्मी (अप्रैल–जून) | गर्म, सूखी जगहों में लगभग हर 2–4 दिन |
स्रोत: Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Psidium guajava. ICRAF; National Horticulture Board (NHB): Guava, planting (spacing 6 x 6 m / 5 x 5 m, 0.6 m pits, planting method, staking); National Horticulture Board (NHB): Guava, propagation (air-layering, seed viability, seedlings differ from parent); National Horticulture Board (NHB): Guava, irrigation (first year 2-3 days in dry season; 2-5 year trees 4-5 days); TNAU Agritech Portal, Horticulture: Guava (planting season June-December, spacing 5-6 m, 45 cm pit, layers, pruning, bearing 2-3 years, pests); Vikaspedia (Govt of India): Guava month-wise calendar of operations (soil pH up to 8.2, 60 cm pit, 6 m spacing, fencing, weeding, mulch, base shoots, drainage)
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
यह लेख शेयर करें