अमरूद का पेड़ (Psidium guajava): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएं
Psidium guajava
अमरूद का वैज्ञानिक नाम Psidium guajava है, यह पूरे भारत में उगाया जाने वाला मज़बूत, छोटा फल-वृक्ष है। जानिए अमरूद का गूटी वाला पौधा कब और कैसे लगाएं, घर में कहाँ लगाएं, क्या यह गमले में उग सकता है, फूल और फल कब आते हैं, इसे कैसे पहचानें और किन बातों का ध्यान रखें।
परिचय
अमरूद (Guava) का वैज्ञानिक नाम Psidium guajava है। यह मर्टल कुल (Myrtaceae) का छोटा, सदाबहार फल-वृक्ष है, जो नमी वाले तटों से लेकर राजस्थान के सूखे मैदानों तक, भारत के ज़्यादातर हिस्सों में उगाया जाता है। अंग्रेज़ी में इस पेड़ को ग्वावा ट्री (guava tree) कहते हैं और हिंदी में अमरूद का पेड़।
गूटी वाला या कलमी अमरूद दो-तीन साल में फल देने लगता है, घर के आँगन में समा जाने जितना छोटा रहता है, और NHB के शब्दों में यह एक मज़बूत पौधा है जो उथली और क्षारीय मिट्टी में भी उग जाता है। इस लेख में जानिए कि यह कहाँ उगता है, इसे कब और कैसे लगाएं, गमले में कैसे उगाएँ, इसे कैसे पहचानें, शुरुआती देखभाल और सावधानियाँ।
फ़ोटो: "A guava tree at Kalyalpara, Jagadishpur Hat, Howrah", Billjones94, CC BY-SA 4.0, विकिमीडिया कॉमन्स के माध्यम से
एक नज़र में
| वैज्ञानिक नाम | Psidium guajava L. |
| कुल (फ़ैमिली) | Myrtaceae (मर्टल कुल, वही कुल जिसमें जामुन आता है) |
| हिंदी नाम | अमरूद (Amrood, Amrud या Amarood भी लिखा जाता है); अमरूद का पेड़ (guava tree) |
| अन्य नाम | ग्वावा, कॉमन ग्वावा; पेयारा (बंगाली), पेरू (मराठी), जमरूख (गुजराती), कोय्या (तमिल), गोय्यापंडु (तेलुगु), पेरा (मलयालम), सीबे (कन्नड़) (Flowers of India) |
| पूरी ऊँचाई | आमतौर पर 3–10 मीटर, कई शाखाओं वाली झाड़ी या छोटा पेड़ (ICRAF) |
| बढ़ने की गति | तेज़; ICRAF इसकी बढ़वार को बहुत अच्छी बताता है |
| पानी की ज़रूरत | मध्यम: जम जाने के बाद सूखा सह लेता है, पर छोटे पौधों और फल देने वाले पेड़ों को सूखे महीनों में पानी चाहिए (NHB) |
| पहले फल में कितने साल | गूटी वाले या कलमी पौधे लगभग 2–3 साल, बीज से उगे पौधे लगभग 4–5 साल (NHB) |
| लगाने का मौसम | भारत के ज़्यादातर हिस्सों में मानसून के साथ; महीने केवल अंदाज़ा हैं, रोपण कैलेंडर देखें |
| कहाँ अच्छा उगता है | अच्छे निकास वाली ज़मीन पर भारत का ज़्यादातर हिस्सा; ICRAF के अनुसार यह 1,500 मीटर तक फल देता है। थोड़े पानी के साथ अर्ध-शुष्क राजस्थान भी (हमारा आकलन) |
| संरक्षण स्थिति | Least Concern (कम चिंता; IUCN रेड लिस्ट का वैश्विक आकलन, 2019) |

स्रोत: Kew World Checklist of Vascular Plants (via GBIF): Psidium guajava L., accepted name; Peru the only area not marked introduced; India, Assam and Andaman Is. listed as introduced; GBIF species API: IUCN Red List category for Psidium guajava (Least Concern, iucnTaxonID 49485755); IUCN Red List: Canteiro C. and Lucas E. (2019). Psidium guajava. e.T49485755A49485759 (Least Concern; citation seen via secondary records, page not read); Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Psidium guajava. ICRAF; National Horticulture Board (NHB): Guava, harvesting and yield (ripening 5 months after flowering; bearing age 2-3 / 4-5 years); Flowers of India: Guava (Indian-language names, bark, flowers, fruit)
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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