अमलतास का पेड़ (Cassia fistula): भारत में कहाँ उगता है और कैसे लगाएँ
Cassia fistula
अमलतास, यानी गोल्डन शावर ट्री, भारत भर के पर्णपाती जंगलों में अपने आप उगता है, उत्तर भारत की सबसे तेज़ गर्मी में सुनहरे फूलों से लद जाता है, जड़ जमने के बाद सूखा झेल लेता है और बकरियाँ इसे नहीं चरतीं। जानिए यह कहाँ उगता है, हर क्षेत्र में इसे कब लगाएँ, छोटे पौधों को पाले से कैसे बचाएँ, इसके पारंपरिक उपयोग, और फलियों का गूदा क्यों नहीं खाना चाहिए।
भारत में अमलतास कहाँ उगता है
अमलतास भारत के सबसे ज़्यादा फैले हुए जंगली पेड़ों में से है। ICFRE के अनुसार यह पूरे देश के पर्णपाती (पतझड़ी) जंगलों में मिलता है, सिंधु से पूर्व की ओर असम तक, और गंगा घाटी, मध्य भारत, दक्कन और दक्षिण भारत में आम है। हिमालय की तलहटी के भाबर क्षेत्र में यह ख़ास तौर पर बहुत होता है, और उप-हिमालयी क्षेत्र व बाहरी हिमालय में लगभग 1,220 मीटर तक चढ़ जाता है। अरावली के झाड़ीदार जंगलों में यह खैर, धौ, रौंझ और खेजड़ी के साथ अपने आप उगता है, और केरल में, जहाँ इसे कणिक्कोन्ना कहते हैं, यह राज्य पुष्प है।
क्षेत्र। यह भारत के लगभग हर हिस्से में अच्छा उगता है: उत्तर-पश्चिम का शुष्क क्षेत्र, उत्तरी मैदान, मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर, पश्चिमी तट, पूर्वी तट और दक्षिणी प्रायद्वीप। हिमालय की तलहटी में सावधानी चाहिए: इसे केवल गर्म निचली पहाड़ियों में लगाएँ और पहली सर्दियों में छोटे पौधों को पाले से बचाएँ। हर क्षेत्र के लिए सबसे अच्छे महीने रोपण कैलेंडर में दिए गए हैं।
बारिश और गर्मी। ICFRE के अनुसार जहाँ यह प्राकृतिक रूप से उगता है, वहाँ सालाना औसत बारिश 500 मिमी से 3,000 मिमी या उससे भी ज़्यादा होती है, और ICRAF 480–2,720 मिमी बताता है। यानी यह अर्ध-शुष्क इलाक़ों से लेकर बहुत ज़्यादा बारिश वाले ज़िलों तक उग जाता है। इसके प्राकृतिक इलाक़ों में छाया में अधिकतम तापमान 35–47.5 °C तक जाता है। वन विशेषज्ञ इसे "सूखा झेलने में पक्का" पेड़ बताते हैं।
ठंड। कमज़ोरी पाला है। इसके प्राकृतिक इलाक़ों में न्यूनतम तापमान 0 से 17.5 °C तक रहता है, और यह पाला नहीं झेल पाता: पाला छोटे पौधों को ज़मीन तक मार सकता है, हालाँकि वे आमतौर पर जड़ के पास से फिर फूट आते हैं। जहाँ सर्दियों की रातों में पारा जमाव बिंदु तक गिर सकता है, वहाँ पहले साल के पौधे के लिए दिसंबर से फ़रवरी की साफ़ आसमान वाली, हवा-रहित रातें सबसे ख़तरनाक होती हैं।
मिट्टी। यह कमज़ोर, उथली मिट्टी में उग जाता है, और ICFRE के अनुसार ट्रैप, ग्रेनाइट और बलुआ पत्थर पर बराबर अच्छा चलता है और लेटराइट पर भी अक्सर मिलता है। ICRAF के अनुसार यह pH 5.5 से 8.7 तक की मिट्टी में चलता है, इसलिए हल्की अम्लीय और काफ़ी क्षारीय दोनों तरह की ज़मीन ठीक है, बस जड़ों के पास पानी भरा न रहे।
चरागाह। ICFRE लिखता है कि अमलतास को "बकरियाँ भी बिल्कुल नहीं चरतीं", और गाय-भैंस भी इसे छोड़ देती हैं। इसीलिए यह चरागाहों में भी बच जाता है, जहाँ दूसरे पौधे चर लिए जाते हैं।
स्रोत: Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Cassia fistula. ICRAF; ICFRE (2019). Modern Nursery Techniques: A Manual (Cassia fistula, pp. 61-62); Dept. of Forests & Wildlife, GNCT of Delhi (2022). Plants of the Northern Aravalli Range in Delhi: A Guide; Kerala Forest Department: Kerala at a glance (state flower)
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
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