अमलतास का पेड़ (Cassia fistula): जयपुर में कैसे लगाएँ और देखभाल करें
Cassia fistula
अमलतास जयपुर की सबसे तेज़ गर्मी में सुनहरे फूलों से लद जाता है, जड़ जमने के बाद सूखा झेल लेता है और बकरियाँ इसे नहीं चरतीं। जानिए इसे कब लगाएँ, छोटे पौधों को पाले से कैसे बचाएँ, इसके पारंपरिक उपयोग, और फलियों का गूदा क्यों नहीं खाना चाहिए।
पहले तीन साल की देखभाल
सर्दी (दिसंबर–फ़रवरी): पहली दो सर्दियों में, जब IMD शीतलहर या पाले की चेतावनी दे, तो रात में पौधे को ढक दें। तीन लकड़ियों पर टाट की बोरी या पुआल की टोपी काफ़ी है, दक्षिण की तरफ़ खुली रखें, और सुबह हटा दें। अगर ऊपर का हिस्सा झुलस भी जाए तो पौधा उखाड़ें नहीं। पाले से झुलसे अमलतास अक्सर जड़ के पास से फिर फूट आते हैं, इसलिए मार्च तक रुकें और सबसे मज़बूत नई टहनी को बढ़ने दें।
गर्मी (अप्रैल–जून): पहले साल की असली परीक्षा यही है। हर 4–5 दिन में, सुबह जल्दी या शाम को पानी दें, और थाले में 8–10 सेमी सूखी घास या पत्तियों की पलवार रखें, तने से थोड़ा हटाकर। दूसरे साल हर 10–14 दिन में पानी दें। तीसरे साल केवल लंबे सूखे में।
मानसून (जुलाई–सितंबर): पहले साल थाले की दो बार निराई करें और देखें कि बारिश का पानी निकल जाता हो।
कीड़े: ICRAF के अनुसार अमलतास पर स्केल कीट (शल्क कीट) और फफूँद जल्दी लगते हैं। छोटे तनों से स्केल हाथ से खुरच दें। पत्तियों पर हरी इल्लियाँ दिखें तो वे आमतौर पर कॉमन इमिग्रेंट तितली की होती हैं; स्वस्थ पेड़ फिर पत्ते निकाल लेता है, इसलिए दवा छिड़कने की ज़रूरत नहीं।
छँटाई: दूसरे या तीसरे साल नीचे की बगल वाली डालियाँ हटा दें ताकि छत्र ऊपर उठे, और अगर एक ही पेड़ चाहिए तो जड़ों से निकले सकर काट दें।
धीरज: छोटे अमलतास को अच्छी तरह फूलने में कई साल लग सकते हैं। पहली बार फूलने की उम्र का कोई भरोसेमंद आँकड़ा हमें नहीं मिला।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
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