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पौधादेशी पेड़फूलदार पौधे

रोहिड़ा (Tecomella undulata): राजस्थान का राज्य पुष्प और जयपुर में इसे कैसे उगाएँ

Tecomella undulata

रोहिड़ा राजस्थान का राज्य पुष्प है और थार की मुख्य देसी लकड़ी देता है, पर अब यह संकटग्रस्त है। जानिए जयपुर में इसे कब लगाएँ, पहले तीन साल पानी और सुरक्षा कैसे दें, यह पक्षियों और मिट्टी के लिए क्या करता है, और किन बातों का ध्यान रखें।

विषाक्तता

सावधानियाँ और सुरक्षा

  • यह संकटग्रस्त है. पौधे वन विभाग या किसी भरोसेमंद नर्सरी से ही लें। जंगल से छोटे पौधे कभी न उखाड़ें।
  • विषाक्तता पर कम जानकारी. पशु इसकी पत्तियाँ, फूल और फलियाँ खाते हैं, पर इंसानों, बिल्लियों या कुत्तों पर असर के बारे में बहुत कम आँकड़े हैं। 2025 की एक समीक्षा ने शुरुआती अध्ययनों के आधार पर इसे काफ़ी हद तक सुरक्षित बताया, साथ ही और शोध की ज़रूरत बताई। इसका कोई हिस्सा न खाएँ, और छाल से बनी चीज़ें बच्चों या पशुओं को न दें।
  • गीली ज़मीन से बचाएँ. रोहिड़ा सूखे इलाक़े का पेड़ है। निचली जगहों, रोज़ स्प्रिंकलर से सींचे जाने वाले लॉन और रिसती टंकियों के पास इसे न लगाएँ।
  • नाम जाँच लें. येलो बेल्स (Tecoma stans) अक्सर मिलते-जुलते नामों से बिकता है। नर्सरी से Tecomella undulata ही माँगें।
  • धीमे, छोटे पेड़ के हिसाब से जगह चुनें. यह खेत की मेड़, स्कूल के मैदान और बड़े घरेलू बग़ीचों के लिए ठीक है।

GreenEye के साथ किसी के नाम पर एक पेड़ लगाइए: पेड़ उपहार में दें

मनुष्य
सत्यापित नहीं — पालतू जानवरों या बच्चों के संपर्क में लाने से पहले जाँच लें
पालतू और अन्य पशु
सत्यापित नहीं — पालतू जानवरों या बच्चों के संपर्क में लाने से पहले जाँच लें

यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।

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