नीम का पेड़ (Azadirachta indica): जयपुर में कैसे लगाएँ और देखभाल करें
Azadirachta indica
नीम राजस्थान की गर्मी, कम बारिश और क्षारीय मिट्टी के लिए सबसे मज़बूत पेड़ों में से एक है। जानिए जयपुर में इसे कब लगाएँ, छोटे पौधों को पाले से कैसे बचाएँ, इसके फ़ायदे और पारंपरिक उपयोग, और नीम का तेल कभी क्यों नहीं निगलना चाहिए।
मिट्टी का pH
अपनी मिट्टी का pH जाँचें
इस पेड़ के लिए अभी कोई पक्की pH सीमा नहीं है। कुछ भी मिलाने से पहले अपनी मिट्टी की जाँच कराएँ और अपने नज़दीकी KVK से पूछें।
पौधा लगाने से पहले
- अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से मिट्टी की जाँच और सलाह लें।पौधा लगाने से लगभग 8 हफ़्ते पहले
पौधा लगाते समय
- गड्ढे की मिट्टी में अच्छी सड़ी गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएँ।पौधा लगाते समय
बारिश के मौसम के बाद
- पहली बारिश के मौसम के बाद pH फिर से जाँचें, फिर साल में एक बार।पहली बारिश के मौसम के बाद
यह पेड़ कब लगाया जाता है
- उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र · जुल॰, अग॰
- उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र · फ़र॰, मार्च
यह सिर्फ़ मार्गदर्शन है। कुछ भी मिलाने से पहले अपनी मिट्टी की जाँच कराएँ (मृदा स्वास्थ्य कार्ड या अपने KVK की लैब)।
इस आधार पर
- Aonla cultivation (Unit 2) – IGNOU eGyanKosh
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye अपनी ज़मीन पर ऐसे ही पेड़ लगाता है। अपने पेड़ को बढ़ते हुए ट्रैक करें।
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