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गूलर का पेड़ (Ficus racemosa): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएं

Ficus racemosa

गूलर का वैज्ञानिक नाम Ficus racemosa है, अंग्रेज़ी में इसे क्लस्टर फ़िग कहते हैं। जानिए गूलर का पेड़ कैसा होता है, इसका फूल क्यों नहीं दिखता, भारत में यह कहाँ मिलता है, इसे कैसे लगाएं, पहले तीन साल देखभाल कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखें।

विषाक्तता

सावधानियाँ और सुरक्षा

गूलर बड़ा अंजीर का पेड़ है, इसलिए इसकी जगह सोच-समझकर चुनें।

  • विषाक्तता पर पक्की जानकारी नहीं. हमें इंसानों के लिए गूलर पर किसी ज़हर-नियंत्रण केंद्र या सरकारी स्रोत का आँकड़ा नहीं मिला। दूसरे अंजीर पेड़ों की तरह इसका दूधिया रस त्वचा में जलन कर सकता है, इसलिए छँटाई में दस्ताने पहनें, रस आँखों में न जाने दें और त्वचा को साबुन-पानी से धो लें। छोटे बच्चों को कच्चे फल खाने या पत्तियाँ चबाने से रोकें, और पेड़ का कोई हिस्सा खाने के बाद किसी की तबीयत बिगड़े तो डॉक्टर को दिखाएं।
  • पालतू जानवर. ASPCA अंजीर के पौधों (Ficus प्रजातियों) को कुत्तों, बिल्लियों और घोड़ों के लिए विषैला बताता है। यह पूरे अंजीर समूह की सूची है, ख़ास गूलर की नहीं, और इसमें असर की गंभीरता नहीं बताई गई। पालतू जानवरों को इसे चबाने से रोकें और चबा लें तो पशु-चिकित्सक को बुलाएं।
  • फलों के अंदर कीड़े. हर फल अंजीर-ततैयों का पालना है, और पके फलों में अक्सर छोटे कीड़े होते हैं; पकाने से पहले फलों को काटकर जाँच लें।
  • गिरते फल. डाउन टू अर्थ के अनुसार पके फल दो-एक दिन में ख़राब हो जाते हैं, इसलिए गिरे फल सड़ते हैं और मक्खियाँ, ततैये और बंदर खींच लाते हैं। इसे गाड़ी खड़ी करने की जगह, आँगन या पैदल रास्ते के ऊपर न लगाएं।
  • जगह और जड़ें. यह चौड़े छत्र वाला बड़ा पेड़ बनता है। इसे दीवारों, टंकियों, बोरवेल और पाइपों से काफ़ी दूर लगाएं; ऊपर बताई 10–12 मीटर की दूरी हमारा मोटा नियम है, सुरक्षित दूरी नहीं, इसलिए अपनी जगह के लिए स्थानीय वन या बागवानी कार्यालय से पूछें।
  • सूखी ज़मीन. गूलर नम ज़मीन का पेड़ है। सूखे ज़िलों में इसे केवल पानी के पास लगाएं, या वहाँ जहाँ पहली कुछ गर्मियों में पानी दे सकें।
मनुष्य
सत्यापित नहीं — पालतू जानवरों या बच्चों के संपर्क में लाने से पहले जाँच लें

प्रभावित भाग: latex

हमें इंसानों के लिए गूलर पर किसी ज़हर-नियंत्रण केंद्र या सरकारी स्रोत का आँकड़ा नहीं मिला। दूसरे अंजीर पेड़ों की तरह इसका दूधिया रस त्वचा में जलन कर सकता है, इसलिए छँटाई में दस्ताने पहनें, रस आँखों में न जाने दें और त्वचा को साबुन-पानी से धोएँ। छोटे बच्चों को कच्चे फल खाने या पत्तियाँ चबाने से रोकें; पेड़ का कोई हिस्सा खाने के बाद किसी की तबीयत बिगड़े तो डॉक्टर को दिखाएं।

पालतू और अन्य पशु
सत्यापित नहीं — पालतू जानवरों या बच्चों के संपर्क में लाने से पहले जाँच लें

प्रभावित पशु: कुत्ते, बिल्लियाँ, घोड़े

ASPCA अंजीर वंश (Ficus प्रजातियों) को कुत्तों, बिल्लियों और घोड़ों के लिए विषैला बताता है। यह पूरे वंश की सूची है, ख़ास गूलर की नहीं, और इसमें गंभीरता नहीं बताई गई। पालतू जानवरों को इसे चबाने से रोकें और खा लें तो पशु-चिकित्सक से संपर्क करें।

स्रोत: ASPCA Animal Poison Control: Weeping Fig (Ficus sp.), toxic to dogs, cats and horses

यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।

ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें

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