गूलर का पेड़ (Ficus racemosa): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएं
Ficus racemosa
गूलर का वैज्ञानिक नाम Ficus racemosa है, अंग्रेज़ी में इसे क्लस्टर फ़िग कहते हैं। जानिए गूलर का पेड़ कैसा होता है, इसका फूल क्यों नहीं दिखता, भारत में यह कहाँ मिलता है, इसे कैसे लगाएं, पहले तीन साल देखभाल कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखें।
गूलर का पेड़ कैसे लगाएं
व्यावहारिक सलाह के तौर पर, बारिश की शुरुआत में लगभग 1 मीटर ऊँचा, स्वस्थ नर्सरी पौधा नम, गहरी मिट्टी में लगाएं, जहाँ बड़े छत्र के लिए जगह हो। हमें गूलर के लिए किसी भारतीय वन विभाग का रोपण नोट नहीं मिला, इसलिए नीचे दिए महीने, गड्ढा और दूरी हमारा मोटा नियम हैं।
कब लगाएं
अंदाज़े के तौर पर भारत के ज़्यादातर हिस्सों में जुलाई या अगस्त में लगाएं, जब मानसून से ज़मीन अच्छी तरह भीग चुकी हो; अपने ज़िले में बारिश से मिट्टी भीगने पर ही लगाएं। तमिलनाडु के तट पर, जहाँ मुख्य बारिश उत्तर-पूर्वी मानसून से होती है, अक्टूबर–नवंबर में भी लगा सकते हैं। हमारे मोटे नियम के अनुसार गर्म, सूखे अप्रैल से जून में न लगाएं।
पौधा कैसा चुनें
नर्सरी से Ficus racemosa वैज्ञानिक नाम से ही माँगें, ताकि मिलता-जुलता खुरदुरा अंजीर न मिल जाए। केरल कृषि विश्वविद्यालय के ओडक्कली केंद्र की एक नर्सरी परीक्षण में (मैथ्यू और साथी, 2011) गूलर के पौधे बरगद, पीपल और मलायन बरगद से तेज़ बढ़े, और 7–8 महीने में रोपने लायक हो गए।
उस परीक्षण में पौधे तैयार करने के तीन तरीके आज़माए गए:
- बीज: हर पके फल में लगभग 1,628 बहुत छोटे बीज थे, पर बिना उपचार के केवल 5% बीज उगे; 10 मिनट गर्म पानी में भिगोने से यह 11% हो गया। कमरे के तापमान पर रखे बीजों का उगना तेज़ी से घट गया।
- तने की कलम: केवल 10–12% कलमों में जड़ें आईं, इसलिए कलम अच्छा तरीका नहीं है।
- गूटी (एयर लेयरिंग): अगस्त–सितंबर में, जब पेड़ पर नए पत्ते थे, 80–90% गूटियों में जड़ें आईं, जबकि मई–जून में, जब पेड़ पत्ते गिरा रहा था, केवल 13–40% में।
गड्ढा, दूरी और सुरक्षा
- गड्ढा: लगभग 60 × 60 × 60 सेमी का गड्ढा खोदें (हमारा मोटा नियम)। निकली हुई मिट्टी में अच्छी सड़ी गोबर की खाद मिलाकर भरें, पौधे को उतनी ही गहराई पर लगाएं जितना वह थैली में था, और बारिश का पानी रोकने के लिए थावला बनाएं।
- दूरी: बढ़ने की जगह के हमारे मोटे नियम के तौर पर गूलर और दूसरे बड़े पेड़ों के बीच लगभग 10–12 मीटर जगह छोड़ें; यह घर, दीवार, टंकी, बोरवेल या पाइप से सुरक्षित दूरी नहीं है; जगह कम हो तो अपने स्थानीय वन या बागवानी कार्यालय से पूछें।
- ट्री-गार्ड: जहाँ गाय, बकरी या नीलगाय घूमती हों, वहाँ ट्री-गार्ड ज़रूर लगाएं (व्यावहारिक सलाह)।
पहले साल पानी (मोटा अंदाज़ा)
जड़ों के पास कुछ सेंटीमीटर नीचे तक मिट्टी जाँचें: जड़ वाली मिट्टी सूखने लगे तो गहराई तक पानी दें, बारिश के बाद पानी न दें, और तने के पास पानी कभी खड़ा न रहने दें। गूलर को नम मिट्टी पसंद है, इसलिए पहली गर्मी में छोटे पौधे को सूखने न दें। नीचे दिए अंतराल केवल मोटा अंदाज़ा हैं, परीक्षण के नतीजे नहीं।
| मौसम | मोटा अंतराल (पहले मिट्टी जाँचें) |
|---|---|
| मानसून (जुलाई–सितंबर) | आमतौर पर ज़रूरत नहीं; केवल लंबे सूखे अंतराल में |
| मानसून के बाद और सर्दी (अक्टूबर–फ़रवरी) | लगभग हर 2 हफ़्ते |
| वसंत (मार्च–अप्रैल) | लगभग हर हफ़्ते |
| गर्मी (मई–जून) | गर्म, सूखी जगहों में लगभग हर 3–4 दिन |
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
यह लेख शेयर करें