गूलर का पेड़ (Ficus racemosa): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएं
Ficus racemosa
गूलर का वैज्ञानिक नाम Ficus racemosa है, अंग्रेज़ी में इसे क्लस्टर फ़िग कहते हैं। जानिए गूलर का पेड़ कैसा होता है, इसका फूल क्यों नहीं दिखता, भारत में यह कहाँ मिलता है, इसे कैसे लगाएं, पहले तीन साल देखभाल कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखें।
सांस्कृतिक महत्व
हिंदी और उर्दू में "गूलर का फूल" का मतलब है दुर्लभ चीज़ या असंभव बात, और "गूलर का फूल खिलना" का मतलब है कोई असंभव या अनोखी बात हो जाना (रेख़्ता शब्दकोश)। यह कहावत इसी बात से बनी है कि पेड़ के फूल किसी को दिखते नहीं, क्योंकि वे फलों के अंदर छिपे रहते हैं। डाउन टू अर्थ (2014) में एक दादी की कहानी याद की गई है कि गूलर का फूल केवल किसी भाग्यशाली को दिखता है और उसे ख़ज़ाना मिलता है; लेखिका को बाद में पता चला कि जिसे वे "फल" समझती थीं, वही फूलों का गुच्छा था।
संस्कृत में इस पेड़ को उदुम्बर कहते हैं, और हिंदू परंपरा में इसे दत्तात्रेय से जोड़ा जाता है। इसकी छाल आयुर्वेद की चार नालपामरम अंजीर छालों में से भी एक है (मैथ्यू और साथी, 2011)।
स्रोत: Mathew G., Skaria B.P., Joseph A. (2011). Standardization of conventional propagation techniques for four medicinal species of genus Ficus Linn. Indian Journal of Natural Products and Resources 2(1):88-96; Khanna S. (30 May 2014). Fruity twist to grandma's tale. Down To Earth; Rekhta Dictionary: guular (idioms gular ka phool, gular ka phool khilna)
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
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