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पौधापवित्र वृक्ष

चंदन (Santalum album): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएँ

Santalum album

चंदन (Santalum album) एक अर्ध-परजीवी पेड़ है, जो पास लगे साथी (होस्ट) पौधे के बिना नहीं उग सकता। जानिए सही साथी पौधे के साथ इसे कैसे लगाएँ, राजस्थान समेत भारत में यह कहाँ उगता है, इसे कैसे पहचानें और लाल चंदन से कैसे अलग करें, पहले तीन साल की देखभाल, और क़ानून व चोरी से जुड़ी सावधानियाँ।

सांस्कृतिक महत्व

चंदन भारत में रोज़ की पूजा का हिस्सा है: ICFRE-IWST के अनुसार भारतीयों के धार्मिक जीवन में इसकी अहम भूमिका है, और ICRAF बताता है कि इसका पाउडर घरों और मंदिरों में धूप की तरह जलाया जाता है। Wood is Good (2021) बताती है कि कर्नाटक को "श्रीगंधा नाडु", यानी चंदन की धरती, कहा जाता है। रहीम का मशहूर दोहा "चंदन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग" इस पुरानी मान्यता का इस्तेमाल करता है कि चंदन के पेड़ से साँप लिपटे रहते हैं, और कहता है कि अच्छा इंसान बुरी संगत से नहीं बिगड़ता।

स्रोत: Vikaspedia (Govt of India / C-DAC): Sandalwood (source: Sandalwood Information System, ICFRE-IWST Bengaluru); ICFRE-IWST (2021). Wood is Good, Grow More, Use More, Vol. 2 Issue 2 (Hegde & Baloch; Rathore et al.; Gunaga et al.; Gujarat case study; Ray & Mishra); Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Santalum album (ICRAF / World Agroforestry); Bharat Discovery: Rahim ke dohe (Rahim's couplets); ICFRE-IWST Sandalwood Information System: home page (more than 90% in Karnataka and Tamil Nadu; religious life)

यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।

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