आँवला: जयपुर के लिए एक मज़बूत देशी फलदार पेड़
Phyllanthus emblica
आँवला एक मज़बूत देशी फलदार पेड़ है जो सूखी, कमज़ोर और खारी मिट्टी में भी उग जाता है, जमने के बाद कम पानी माँगता है और हर सर्दी विटामिन C से भरपूर फल देता है। जानिए जयपुर में इसे कैसे लगाएँ और सँभालें।
आँवला कैसे लगाएँ
- कलमी (बडेड/ग्राफ़्टेड) पौधा लें। बीज से उगे पौधे अपनी किस्म जैसे नहीं होते और फल देने में 6–8 साल लेते हैं। कलमी पेड़ तीसरे साल से फल देना शुरू कर सकता है।
- गड्ढा पहले खोदें। रोपाई से लगभग दो महीने पहले 1 मीटर × 1 मीटर × 1 मीटर का गड्ढा खोदें, जैसे जुलाई में लगाना हो तो मई में।
- गड्ढा अच्छी तरह भरें। ऊपर की आधी मिट्टी में 25–40 किलो अच्छी सड़ी गोबर की खाद और 1 किलो नीम की खली या 500 ग्राम हड्डी का चूरा (बोन-मील) मिलाएँ। गड्ढे को ज़मीन से 6–10 सेमी ऊपर तक भरें। क्षारीय (ऊसर) मिट्टी में 5–8 किलो जिप्सम और लगभग 20 किलो रेत भी डालें।
- जगह दें। पेड़ों के बीच 8–10 मीटर की दूरी रखें।
- लगाएँ और पानी दें। मिट्टी की पिंडी को बीच में रखें, मिट्टी को दबाकर पक्का करें और तुरंत हल्का पानी दें।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
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