नारियल (Cocos nucifera): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएँ
Cocos nucifera
नारियल का वैज्ञानिक नाम Cocos nucifera है और यह ताड़ कुल का पेड़ है। जानिए भारत में नारियल का पेड़ कैसे लगाएं: सही मौसम, गड्ढा और पौधा, तीन साल की देखभाल, कितने साल में फल, इसकी पहचान, और यह राजस्थान में अच्छा क्यों नहीं होता।
रोपण कैलेंडर
- पश्चिमी तट · मानसून · मई, जून
अनुमान: मानसून या मानसून से पहले की पहली बारिश के साथ लगाएँ (TNAU Agritech केरल के लिए मई, कर्नाटक के लिए मई-जून बताता है); निचली ज़मीन में मानसून ख़त्म होने के बाद। जब आपके ज़िले में बारिश से मिट्टी भीग जाए, तब लगाएँ।
- दक्षिणी प्रायद्वीप · मानसून · जून, जुल॰
अनुमान: जून-जुलाई की बारिश के साथ लगाएँ (तमिलनाडु के लिए TNAU Agritech), केवल वहाँ जहाँ सूखे महीनों में पानी पक्का हो। जब आपके ज़िले में बारिश से मिट्टी भीग जाए, तब लगाएँ।
- पूर्वी भारत · मानसून · जून, जुल॰
अनुमान: जब दक्षिण-पश्चिमी मानसून से मिट्टी भीग जाए तब, अच्छी जल-निकासी वाली ज़मीन पर लगाएँ।
- पूर्वी तट · मानसून के बाद · अक्टू॰, नव॰
अनुमान: अक्टूबर-नवंबर केवल वहाँ जहाँ मुख्य बारिश उत्तर-पूर्वी मानसून से आती है, जैसे तमिलनाडु का तट (ICAR-CPCRI)। जब आपके ज़िले में बारिश से मिट्टी भीग जाए, तब लगाएँ।
स्रोत: Subramanian P. et al. (2018). Coconut. Technical Bulletin No. 133, ICAR-Central Plantation Crops Research Institute (CPCRI), Kasaragod; TNAU Agritech expert system: Coconut planting seasons and climate
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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