नारियल (Cocos nucifera): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएँ
Cocos nucifera
नारियल का वैज्ञानिक नाम Cocos nucifera है और यह ताड़ कुल का पेड़ है। जानिए भारत में नारियल का पेड़ कैसे लगाएं: सही मौसम, गड्ढा और पौधा, तीन साल की देखभाल, कितने साल में फल, इसकी पहचान, और यह राजस्थान में अच्छा क्यों नहीं होता।
पहले तीन साल की देखभाल
तीन साल तक छोटे ताड़ को गर्मियों में छाया दें, सूखे दौर में पानी दें और खरपतवार से साफ़ रखें।
पानी। कम से कम पहले दो साल सूखे महीनों में सिंचाई करें (TNAU Agritech); जहाँ बारिश कम हो या ठीक से न बँटी हो, वहाँ नारियल को पूरी ज़िंदगी लंबे सूखे दौर में पानी चाहिए (ICAR-CPCRI)।
थाला और जल-निकासी। गड्ढे की निराई करें, बारिश में कॉलर पर बहकर आई मिट्टी हटाएँ, और हर साल थाले को थोड़ा चौड़ा करें; अनुमान के तौर पर, ICAR-CPCRI के अनुसार चौथे साल तक थाला तने से 1.8 मीटर के घेरे तक पहुँच जाना चाहिए। निचली ज़मीन में ध्यान रखें कि बारिश का पानी निकल जाए।
मल्च और खाद। नमी बनाए रखने और खरपतवार रोकने के लिए थाले में जटा (ICRAF) या गिरे हुए नारियल के पत्ते (ICAR-CPCRI) बिछाएँ, तने से एक हथेली जितनी दूरी रखकर (मोटा नियम)। थाला चौड़ा करते समय अच्छी सड़ी खाद या कम्पोस्ट मिलाएँ; इससे ज़्यादा कुछ के लिए अपने स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से पूछें।
कीट और रोग। ICAR-CPCRI गैंडा भृंग (राइनोसेरस बीटल) को छोटे पौधों की सबसे बड़ी समस्या बताता है: यह कॉलर में छेद करता है और नए पत्तों में V आकार के कटाव छोड़ता है, और सड़ती गोबर खाद, कम्पोस्ट और नारियल के मरे तनों में पनपता है, इसलिए इन्हें दूर रखें। कली सड़न, जो बीच का नुकीला नया पत्ता सड़ा देती है, मानसून में सबसे ज़्यादा होती है। अगर कॉलर में छेद, मुरझाता हुआ बीच का पत्ता या मुकुट से बदबू दिखे, तो साफ़ फ़ोटो या नमूना अपने स्थानीय KVK या कृषि विभाग ले जाएँ, और उनकी सलाह के बिना कुछ भी न छिड़कें।
धैर्य। ICAR-CPCRI के अनुसार लंबी क़िस्म का ताड़ लगाने के लगभग 5–7 साल बाद और बौनी क़िस्म लगभग 3–4 साल बाद पहले नारियल देती है। अच्छे पौधे, पूरी धूप, भरपूर पानी और गैंडा भृंग पर समय रहते ध्यान के अलावा कोई शॉर्टकट नहीं है (व्यावहारिक सलाह)।
स्रोत: Subramanian P. et al. (2018). Coconut. Technical Bulletin No. 133, ICAR-Central Plantation Crops Research Institute (CPCRI), Kasaragod; TNAU Agritech expert system: Coconut main field (pits, spacing, shading, irrigation of young palms); Orwa et al. (2009). Agroforestree Database 4.0 (ICRAF / World Agroforestry): Cocos nucifera
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
यह लेख शेयर करें