12A और 80G पंजीकृतदान पर कर लाभ+91 92264 92263
पौधादेशी पेड़पवित्र वृक्षफूलदार पौधे

कदंब का पेड़ (Neolamarckia cadamba): क्या जयपुर में उग सकता है? देखभाल, फ़ायदे और महत्व

Neolamarckia cadamba

सुनहरे गोल फूलों वाला कदंब, कान्हा का बरसाती पेड़, ज़्यादा बारिश वाले गर्म इलाक़ों से आता है। जयपुर की गर्मी और पाले में इसे उगाने की सच्ची गाइड: कब और कैसे लगाएँ, कितना पानी चाहिए, और यह देसी कैम या कलम से कैसे अलग है।

पहले यह तय करें: कौन-सा कदम?

राजस्थान में "कदम" नाम से हमेशा एक ही पेड़ नहीं समझा जाता। इस लेख वाले पेड़ के पत्ते बड़े और चमकदार होते हैं (छोटे पेड़ों पर 50 सेमी तक लंबे) और फूल ठोस नारंगी-पीले गोले जैसे। राजस्थान में इसका एक देसी रिश्तेदार भी है, Mitragyna parvifolia, जिसे कैम, कलम और कहीं-कहीं कदम भी कहते हैं। यह पतझड़ी पेड़ है, इसके फूलों के गोले छोटे और हल्के पीले होते हैं, और शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI), जोधपुर ने इसे थार क्षेत्र की गहरी मिट्टी में दर्ज किया है।

कान्हा की पुरानी कथाओं वाला कदंब इन दोनों में से कौन-सा है, इस पर जानकार एकमत नहीं हैं। Flowers of India और AFRI का 2025 का एक शोध-पत्र कैम के पक्ष में हैं, क्योंकि N. cadamba सूखे ब्रज में अपने-आप नहीं उगता। ICRAF और ज़्यादातर दूसरे स्रोत N. cadamba को ही मानते हैं, और आज ब्रज में यही लगाया जाता है: 2023 में मथुरा-वृंदावन मार्ग पर "कदंब पथ" के लिए लगाए गए 400 पौधे इसी कदंब के थे। आप जो भी पेड़ चाहें, नर्सरी से उसका वैज्ञानिक नाम ज़रूर पूछें।

यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।

ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें

GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।

विश्वकोश पर वापस जाएं