कदंब का पेड़ (Neolamarckia cadamba): क्या जयपुर में उग सकता है? देखभाल, फ़ायदे और महत्व
Neolamarckia cadamba
सुनहरे गोल फूलों वाला कदंब, कान्हा का बरसाती पेड़, ज़्यादा बारिश वाले गर्म इलाक़ों से आता है। जयपुर की गर्मी और पाले में इसे उगाने की सच्ची गाइड: कब और कैसे लगाएँ, कितना पानी चाहिए, और यह देसी कैम या कलम से कैसे अलग है।
पहले तीन साल की देखभाल
कदंब को नीम या खेजड़ी से कहीं ज़्यादा पानी चाहिए। नीचे की तालिका जयपुर के लिए व्यावहारिक सलाह है। पानी सुबह जल्दी या शाम को दें, और पानी खड़ा न रहने दें।
| मौसम | पहला साल | दूसरा साल | तीसरा साल |
|---|---|---|---|
| मानसून (जुलाई–सितंबर) | 5–7 दिन सूखा रहने पर 15 लीटर | केवल लंबे सूखे में | बारिश के भरोसे |
| मानसून के बाद (अक्टूबर–नवंबर) | हर 4–5 दिन, 15–20 लीटर | हफ़्ते में एक बार | हर 10–14 दिन |
| सर्दी (दिसंबर–फरवरी) | हफ़्ते में एक बार, सुबह | हर 10–14 दिन | हर 2–3 हफ़्ते |
| वसंत (मार्च–अप्रैल) | हर 3–4 दिन, 20 लीटर | हर 5–7 दिन | हफ़्ते में एक बार |
| गर्मी (मई–जून) | हर 2–3 दिन, 20–25 लीटर | हर 4–5 दिन | हफ़्ते में एक बार, भरपूर |
निराई: छोटा कदंब खरपतवार में जल्दी दब जाता है। वानिकी में पहले साल हर तीन महीने और उसके बाद हर छह महीने निराई की जाती है। लगभग 1 मीटर चौड़ा थाला साफ़ रखें और उस पर 8–10 सेमी मोटी पलवार (मल्च) बिछाएँ, तने से दूर।
पाला और गर्मी: पहली दो-तीन सर्दियों में जब भी शीतलहर या पाले की चेतावनी हो, रात को पौधे को जूट या फूस की टोपी से ढकें, जिसका दक्षिण वाला हिस्सा खुला रहे। पाले से झुलसे सिरे मार्च में काट दें। मई-जून में पत्तियों के किनारे भूरे और झुलसे दिखें तो पानी जल्दी-जल्दी दें।
कीट: पत्ती लपेटने वाली इल्लियाँ नई पत्तियाँ खा सकती हैं, और एक लंबे सींग वाला भृंग कमज़ोर पेड़ों में छेद करता है। स्वस्थ पेड़ ही सबसे अच्छा बचाव है।
छँटाई: लगभग ज़रूरत नहीं, क्योंकि कदंब नीचे की डालियाँ ख़ुद गिरा देता है।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
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