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कदंब का पेड़ (Neolamarckia cadamba): भारत में कहाँ उगता है, देखभाल, फ़ायदे और महत्व

Neolamarckia cadamba

सुनहरे गोल फूलों वाला कदंब या कदम (Neolamarckia cadamba), कान्हा का बरसाती पेड़, ज़्यादा बारिश वाले गर्म इलाक़ों से आता है। इसे कैसे पहचानें, भारत में यह कहाँ उगता है, सूखे और पाले वाले इलाक़ों में कैसे टिकता है, कब और कैसे लगाएँ, कितना पानी चाहिए, और यह देसी कैम या कलम से कैसे अलग है, सब इस गाइड में।

सांस्कृतिक महत्व

भागवत पुराण में कालिय नाग का सामना करने से पहले कान्हा यमुना किनारे "एक बहुत ऊँचे कदंब" पर चढ़कर नदी में कूदते हैं। एक और प्रसंग में वे गोपियों के वस्त्र लेकर कदंब की चोटी पर चढ़ जाते हैं। इन प्रसंगों की वजह से ही कदंब कान्हा का प्रिय और पवित्र पेड़ माना जाता है और पूरे ब्रज में इससे गहरा लगाव है (ICRAF भी इसे कृष्ण का पवित्र पेड़ बताता है)। VedaBase इन श्लोकों के संस्कृत शब्दों कदम्ब और नीप का अनुवाद "कदंब का पेड़" करता है; कवियों के मन में कौन-सी वनस्पति-प्रजाति थी, यह व्याख्या की बात है (ऊपर "कौन-सा कदम?" देखें)।

हिंदी कविता में भी कदंब बार-बार आता है। रसखान ने चाहा था कि अगर वे पक्षी बनें तो "कालिंदीकूल कदम्ब की डारन" पर बसेरा करें। सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रिय बाल-कविता "यह कदंब का पेड़" की शुरुआत ही एक छोटे बच्चे की इस बात से होती है कि माँ, यह कदंब का पेड़ अगर यमुना किनारे होता, तो वह भी उस पर बैठकर धीरे-धीरे कन्हैया बन जाता।

यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।

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