स्कोप 1, 2 और 3 उत्सर्जन क्या हैं: भारतीय कंपनियों के लिए आसान गाइड
GHG प्रोटोकॉल में स्कोप 1, 2 और 3 उत्सर्जन का मतलब, स्कोप 2 के लोकेशन-आधारित और मार्केट-आधारित आँकड़ों का फ़र्क़, स्कोप 3 की 15 श्रेणियाँ, और भारतीय कंपनियों व MSME सप्लायरों से क्या माँगा जा रहा है।
तीनों स्कोप कहाँ से आए?
ये स्कोप GHG प्रोटोकॉल कॉर्पोरेट अकाउंटिंग और रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (Corporate Accounting and Reporting Standard) (संशोधित संस्करण, 2004) से आए हैं, जिसे वर्ल्ड रिसोर्सेज़ इंस्टिट्यूट (WRI) और वर्ल्ड बिज़नेस काउंसिल फ़ॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (WBCSD) ने बनाया। बाद के दो दस्तावेज़ इसका ब्योरा देते हैं:
- स्कोप 2 गाइडेंस (Guidance) (2015), ख़रीदी गई बिजली और ऊर्जा को गिनने के लिए, और
- कॉर्पोरेट वैल्यू चेन (स्कोप 3) स्टैंडर्ड (Corporate Value Chain Standard) (2011), वैल्यू चेन के उत्सर्जन के लिए।
कॉर्पोरेट स्टैंडर्ड सात गैसों को गिनता है: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), मीथेन (CH4), नाइट्रस ऑक्साइड (N2O), हाइड्रोफ़्लोरोकार्बन (HFCs), परफ़्लोरोकार्बन (PFCs), सल्फ़र हेक्साफ़्लोराइड (SF6) और नाइट्रोजन ट्राइफ़्लोराइड (NF3)। इन सबको टन CO2 समतुल्य (tCO2e) में बदला जाता है ताकि इन्हें जोड़ा जा सके।
मूल बात सीधी है। प्रत्यक्ष (direct) उत्सर्जन उन स्रोतों से होता है जो कंपनी के अपने हैं या उसके नियंत्रण में हैं। अप्रत्यक्ष (indirect) उत्सर्जन कंपनी के काम की वजह से होता है, पर ऐसे स्रोतों पर जो किसी और के हैं। स्कोप 3 स्टैंडर्ड (2011) कहता है कि एक कंपनी के लिए तीनों स्कोप एक-दूसरे से अलग हैं, इसलिए एक ही टन कंपनी की सूची में दो बार नहीं गिना जाता।
स्रोत: GHG Protocol Corporate Accounting and Reporting Standard (revised edition, 2004); GHG Protocol Scope 2 Guidance (2015); GHG Protocol Corporate Value Chain (Scope 3) Standard (2011); GHG Protocol: public consultations page; GHG Protocol: release opening Scope 2 and electricity-sector consequential consultations; GHG Protocol: key standard development updates FAQ (29 July 2026); GHG Protocol: Scope 3 Standard Revisions Phase 1 Progress Update (March 2026, draft); SEBI: Format of BRSR Core, Annexure I (July 2023); SEBI circular SEBI/HO/CFD/CFD-PoD-1/P/CIR/2025/42 (28 March 2025); Central Electricity Authority, CO2 Baseline Database for the Indian Power Sector, User Guide Version 22.0 (August 2026)
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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