व्यवसाय के लिए कार्बन
कंपनियाँ उत्सर्जन कैसे मापती और बताती हैं: स्कोप 1, 2 और 3, GHG इन्वेंटरी और ESG रिपोर्टिंग।

भारतीय निर्यातकों के लिए EU CBAM: यह क्या है और तैयारी कैसे करें
अक्टूबर 2026 तक EU कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़्म की आसान गाइड: कौन से सामान आते हैं, 2026 की डेफ़िनिटिव अवधि, 50…

भारत में BRSR और ESG जलवायु रिपोर्टिंग: कंपनियों को क्या बताना होता है
SEBI के BRSR और BRSR Core की आसान गाइड: किसे फ़ाइल करना है, स्कोप 1 और 2 तीव्रता समेत सिद्धांत 6 के जलवायु संकेतक,…

उत्पाद का कार्बन फ़ुटप्रिंट (PCF) और जीवन चक्र मूल्यांकन (LCA) क्या है
उत्पाद का कार्बन फ़ुटप्रिंट क्या है, ISO 14040, 14044 और 14067 के तहत जीवन चक्र मूल्यांकन कैसे होता है, क्रेडल-टू-गेट…

कंपनियाँ उत्सर्जन कैसे नापती हैं: GHG सूची बनाने के आसान क़दम
कंपनी की ग्रीनहाउस गैस सूची बनाने की क़दम-दर-क़दम गाइड: सीमाएँ, गतिविधि डेटा, CEA और IPCC के उत्सर्जन कारक, एक गणना का…

स्कोप 1, 2 और 3 उत्सर्जन क्या हैं: भारतीय कंपनियों के लिए आसान गाइड
GHG प्रोटोकॉल में स्कोप 1, 2 और 3 उत्सर्जन का मतलब, स्कोप 2 के लोकेशन-आधारित और मार्केट-आधारित आँकड़ों का फ़र्क़,…

अपना कार्बन फ़ुटप्रिंट कैसे घटाएँ: घर, दफ़्तर और कंपनियों के लिए
भारतीय घरों और व्यवसायों के लिए बचें-घटाएँ-बदलें पर आधारित व्यावहारिक गाइड: BEE स्टार रेटिंग वाले उपकरण, पीएम सूर्य घर…

कार्बन न्यूट्रल और नेट ज़ीरो: इन दावों का मतलब और ग्रीनवॉशिंग की पहचान
कार्बन न्यूट्रल, नेट ज़ीरो और क्लाइमेट पॉज़िटिव दावों, उनके पीछे के मानकों (ISO 14068, SBTi, UN HLEG) और भारत के 2024…