इमली का पेड़ (Tamarindus indica): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएं
Tamarindus indica
इमली का वैज्ञानिक नाम Tamarindus indica है, अंग्रेज़ी में इसे tamarind कहते हैं; यह भारत के गाँवों का सूखा सहने वाला फल और छाया का पेड़ है। जानिए इमली का पेड़ कब और कैसे लगाएं, बीज से कैसे उगाएँ, फल कितने साल में आते हैं, इसे कैसे पहचानें, पहले तीन साल की देखभाल और किन बातों का ध्यान रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इमली का वैज्ञानिक नाम क्या है?
इमली (tamarind) का वैज्ञानिक नाम Tamarindus indica L. है, जो फली वाले परिवार Fabaceae का पेड़ है। यह Tamarindus वंश की इकलौती प्रजाति है (ICRAF), और Kew की विश्व सूची यही नाम मानती है।
इमली को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?
अंग्रेज़ी में इमली को tamarind कहते हैं, और पेड़ को tamarind tree; इसे Indian date भी कहा जाता है। यह नाम अरबी के tamar-u'l-Hind यानी "हिंद का खजूर" से आया है (ICRAF)।
इमली का पेड़ कैसे लगाएं?
बारिश की शुरुआत में स्वस्थ कलमी पौधा लगभग 1 मीटर हर तरफ़ के गड्ढे में लगाएं, जिसे अच्छी सड़ी गोबर की खाद और ऊपरी मिट्टी से भरा गया हो (TNAU), उतनी ही गहराई पर जितना वह थैली में था, और उसे डंडे से बाँध दें। थाला बनाएं, तुरंत पानी दें, बकरियों और मवेशियों से बचाने के लिए बाड़ लगाएं, और उत्तर भारत में पहली सर्दियों की पाले वाली रातों में उसे ढकें।
इमली का पेड़ कब लगाना चाहिए?
इमली मानसून के साथ लगाएं, जब बारिश से मिट्टी अच्छी तरह भीग जाए। अंदाज़े के तौर पर उत्तर और मध्य भारत में जुलाई-अगस्त और पूर्व व दक्षिण में जून-अगस्त; TNAU तमिलनाडु के लिए जून से दिसंबर बताता है, जहाँ अक्टूबर-नवंबर केवल उन इलाक़ों के लिए ठीक है जहाँ मुख्य बारिश उत्तर-पूर्वी मानसून से होती है। अप्रैल से जून में न लगाएं।
इमली का पेड़ कितने साल में फल देता है?
कलमी इमली आमतौर पर लगभग 3-4 साल में फल देने लगती है, पर बीज वाला पौधा बहुत ज़्यादा समय लेता है। ICRAF बीज वाले पौधों के लिए 7-10 साल बताता है, और पैदावार लगभग 15 साल में स्थिर होती है, जबकि Indian Horticulture का लेख 8-12 साल बताता है। TNAU के अनुसार कलमी बाग़ों से अच्छी पैदावार लगभग 9वें साल से शुरू होती है।
इमली में फूल कब आते हैं और फलियाँ कब पकती हैं?
इमली में फूल नई पत्तियों के साथ आते हैं, ज़्यादातर इलाक़ों में वसंत और गर्मी में (ICRAF); eFlora of India में पुणे से मई और मुंबई से जून की तारीख़ वाली फूलों की फ़ोटो हैं। फिर फलियाँ अगले महीनों में धीरे-धीरे पकती हैं, और TNAU तमिलनाडु में तुड़ाई का समय मार्च-अप्रैल बताता है। समय इलाक़े के अनुसार बदलता है।
क्या इमली बीज से या गमले में उगा सकते हैं?
हाँ, इमली ताज़े बीज से आसानी से उग जाती है, पर यह लंबे समय तक गमले में रखने वाला पौधा नहीं है। बीज लगभग 2 हफ़्ते में अंकुरित हो जाता है (PROSEA), पर बीज वाला पौधा धीरे बढ़ता है और उसके फल मूल पेड़ से अलग हो सकते हैं। क्योंकि यह बहुत बड़ा पेड़ बनता है, गमला केवल पहले एक-दो साल के लिए ठीक है, उसके बाद इसे खुली ज़मीन में लगाना चाहिए (व्यावहारिक सलाह)।
इमली के पेड़ को कैसे पहचानें?
पंख जैसी पत्तियाँ देखें, जिनमें 10-18 जोड़ी छोटी, पतली पत्तियाँ होती हैं, लाल धारियों वाले छोटे हल्के पीले फूल, और मोटी, मख़मली भूरी फलियाँ (ICRAF, Flowers of India)। छाल खुरदरी और धूसर-भूरी होती है और छत्र घना और गोल। विलायती इमली या जंगल जलेबी (Pithecellobium dulce) अलग है: उसमें काँटे होते हैं, छोटी पत्तियाँ कम होती हैं और फलियाँ पतली, ऐंठी हुई होती हैं।
इमली का पेड़ शुभ है या अशुभ, और इसे कहाँ लगाना चाहिए?
इमली शुभ है या अशुभ, यह आस्था और स्थानीय रीति की बात है, विज्ञान इसका फ़ैसला नहीं कर सकता। लोक-मान्यता में पुराने इमली के पेड़ों को भूत-प्रेत से जोड़ा जाता है, फिर भी यह गाँवों और खेतों में ख़ूब लगाया जाता है। व्यवहार में इसे खुली, धूप वाली ज़मीन में भरपूर जगह के साथ, इमारतों और पाइपों से अच्छी दूरी पर लगाएं, क्योंकि यह घनी छाया वाला बहुत बड़ा पेड़ बनता है।
क्या इमली का पेड़ ऑक्सीजन देता है, और क्या इसका कोई हिस्सा ज़हरीला है?
हाँ, हर हरे पेड़ की तरह इमली भी दिन की रोशनी में प्रकाश-संश्लेषण से अपनी पत्तियों से ऑक्सीजन छोड़ती है; हम कोई आँकड़ा नहीं देते, क्योंकि एक पेड़ के लिए कोई भरोसेमंद माप नहीं है, और कोई भी पेड़ अँधेरे में ऑक्सीजन नहीं छोड़ता। इसका फल कुत्तों को नुक़सान पहुँचा सकता है: इमली खाने से कुत्तों के गुर्दे फ़ेल हुए हैं (MSD Veterinary Manual), इसलिए फलियाँ उनसे दूर रखें। पका गूदा आम खाना है, पर छाल, पत्तियों और कच्चे बीज की सुरक्षा की जानकारी ठीक से दर्ज नहीं है।
स्रोत: Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Tamarindus indica. ICRAF; Kew World Checklist of Vascular Plants (via GBIF): Tamarindus indica L., accepted name; native Madagascar and Comoros, India and most of the tropics listed as introduced; TNAU Agritech Portal, Horticulture: Tamarind; Shankarprasad K.S. & Menon J.S. (2020). Veneer grafting for successful tamarind propagation. Indian Horticulture (ICAR), Nov-Dec 2020; Coronel R.E. (1991). Tamarindus indica L. In: PROSEA No 2, Edible fruits and nuts (growables.org mirror); Flowers of India: Tamarind; eFlora of India: Tamarindus indica; eFlora of India: Pithecellobium dulce (ganga imli, jungal jalebi); Hayes C. (ASPCA Animal Poison Control Center). Raisin and grape toxicosis in dogs (tamarind section). MSD Veterinary Manual, full review Sept 2024; Scroll.in (2018): A nail on a tamarind tree: this eerie short story explores a popular Indian belief about ghosts
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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