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पौधाफलदार पेड़

इमली का पेड़ (Tamarindus indica): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएं

Tamarindus indica

इमली का वैज्ञानिक नाम Tamarindus indica है, अंग्रेज़ी में इसे tamarind कहते हैं; यह भारत के गाँवों का सूखा सहने वाला फल और छाया का पेड़ है। जानिए इमली का पेड़ कब और कैसे लगाएं, बीज से कैसे उगाएँ, फल कितने साल में आते हैं, इसे कैसे पहचानें, पहले तीन साल की देखभाल और किन बातों का ध्यान रखें।

लाभ

इमली के फ़ायदे

इमली पहले तो अपनी खट्टी फलियों के लिए लगाई जाती है, पर बड़ा पेड़ घनी छाया, हवा से बचाव, मधुमक्खियों के लिए रस और बहुत सख़्त लकड़ी भी देता है।

  • खाना: ICRAF के अनुसार थोड़े नमक के साथ इसका गूदा पूरे भारत में करी और चटनी की पसंदीदा चीज़ है, और Indian Horticulture का लेख रसम और सांभर का नाम लेता है। मीठी इमली ताज़ा खाई जाती है और खट्टी इमली से शरबत, जैम और मिठाइयाँ बनती हैं; ICRAF के अनुसार फूल और पत्तियाँ भी कुछ व्यंजनों में डलती हैं, और बीज भिगोकर और उबालकर, उसका सख़्त छिलका हटाकर खाया जाता है।
  • छाया और बचाव: चौड़े छत्र की वजह से यह गाँव में बैठने-सुस्ताने का पेड़ बनता है, और आँधी झेल लेने के कारण हवा रोकने वाली पट्टी का काम करता है (ICRAF)।
  • मधुमक्खियाँ: मधुमक्खियाँ इसके फूलों से रस और पराग इकट्ठा करती हैं (ICRAF)।
  • लकड़ी और ईंधन: अंदर की लकड़ी बहुत सख़्त और टिकाऊ होती है और अच्छी चमक लेती है; इससे खेती के औज़ार, ओखली और फ़र्नीचर बनते हैं, और यह अच्छी जलावन लकड़ी और कोयला देती है (ICRAF)।
  • पारंपरिक उपयोग: ICRAF छाल, पत्तियों, फूलों, गूदे और बीजों के कई पारंपरिक लोक-चिकित्सा उपयोग दर्ज करता है। पारंपरिक उपयोग से यह साबित नहीं होता कि कोई हिस्सा असर करता है या सुरक्षित है, इसलिए किसी भी हिस्से को दवा की तरह इस्तेमाल करने से पहले किसी योग्य डॉक्टर से बात करें।
  • खाद्य: थोड़े नमक के साथ इसका गूदा पूरे भारत में करी और चटनी की पसंदीदा चीज़ है (ICRAF), और रसम व सांभर में खटास इसी से आती है (Indian Horticulture, ICAR)। मीठी इमली ताज़ा खाई जाती है और खट्टी से शरबत, जैम और मिठाइयाँ बनती हैं; फूल और पत्तियाँ कुछ व्यंजनों में डलती हैं, और बीज भिगोकर और उबालकर, उसका सख़्त छिलका हटाकर खाया जाता है (ICRAF)।
  • छाया और ठंडक: चौड़ा, घना छत्र गहरी छाया देता है और इसे गाँव में बैठने-सुस्ताने का पेड़ बनाता है (ICRAF)।
  • अन्य: यह आँधी झेल लेता है और हवा रोकने वाली पट्टी का काम करता है; इसकी घनी छाया के नीचे घास मुश्किल से उगती है, इसलिए आग रोकने वाली पट्टी में भी लगाया जाता है (ICRAF)।
  • परागणकर्ता: मधुमक्खियाँ इसके फूलों से रस और पराग इकट्ठा करती हैं, और इन्हें शहद का अच्छा स्रोत बताया गया है (ICRAF)।
  • इमारती लकड़ी: अंदर की लकड़ी बहुत सख़्त, टिकाऊ और अच्छी चमक लेने वाली होती है; इससे खेती के औज़ार, ओखली और फ़र्नीचर बनते हैं, और यह अच्छी जलावन लकड़ी और कोयला देती है (ICRAF)।
  • मिट्टी का स्वास्थ्य: ICAR के बारानी कृषि शोधकर्ताओं (Reddy और साथी, 2023) के अनुसार यह ऊँचा pH सह लेता है और सूखी ज़मीन, बंजर ज़मीन और खारी या क्षारीय मिट्टी के लिए ठीक है।
  • चारा: पत्तियाँ अच्छा चारा हैं, पर इन्हें कम ही काटा जाता है क्योंकि इससे फल कम होते हैं; दक्षिणी राज्यों में पके हुए बीज बैलों को खिलाए जाते हैं (ICRAF)।
  • औषधीय: ICRAF छाल, पत्तियों, फूलों, गूदे और बीजों के कई पारंपरिक लोक-चिकित्सा उपयोग दर्ज करता है। पारंपरिक उपयोग से यह साबित नहीं होता कि कोई हिस्सा असर करता है या सुरक्षित है; किसी भी हिस्से को दवा की तरह इस्तेमाल करने से पहले किसी योग्य डॉक्टर से बात करें।
  • सांस्कृतिक: इसका नाम अरबी के tamar-u'l-Hind यानी "हिंद का खजूर" से आया है (ICRAF)। भारत के कई हिस्सों की लोक-मान्यता में पुराने इमली के पेड़ों पर भूत-प्रेत रहने की बात कही जाती है (Scroll.in; USC Digital Folklore Archives); यह लोककथा है, तथ्य नहीं।

स्रोत: Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Tamarindus indica. ICRAF; Shankarprasad K.S. & Menon J.S. (2020). Veneer grafting for successful tamarind propagation. Indian Horticulture (ICAR), Nov-Dec 2020; Reddy A.G.K. et al. (2023). Performance of Tamarind (Tamarindus indica L.) accessions under dryland conditions. Legume Research 46(9): 1179-1183. ICAR-CRIDA, Hyderabad

यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।

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