गुलमोहर (Delonix regia): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएँ
Delonix regia
गुलमोहर (Delonix regia), जिसे अंग्रेज़ी में फ़्लेम ट्री या रॉयल पॉइंसियाना कहते हैं, मेडागास्कर से आया गर्मियों में फूलने वाला, सड़क किनारे का पेड़ है। जानिए यह कैसा दिखता है, भारत में कहाँ उगता है, कब फूलता है, इसे कब और कैसे लगाएँ, पहले तीन साल कैसे सँभालें, और क्या यह हानिकारक है।
भारत में गुलमोहर कहाँ उगता है
गुलमोहर भारत के पाला-रहित मैदानों और निचली पहाड़ियों में, सूखे और नम दोनों तरह के इलाक़ों में, वहाँ सबसे अच्छा उगता है जहाँ इसे पूरी धूप और अच्छे निकास वाली मिट्टी मिले। ICFRE के अनुसार यह उष्णकटिबंधीय भारत के सूखे और नम इलाक़ों में, हिमालय की तलहटी तक और उत्तर-पश्चिम में यमुना तक लगाया जाता है, और तेज़ पाले वाली जगहें इसके अनुकूल नहीं हैं। Kew की सूची (GBIF के ज़रिए) इसे भारत में, असम, अंडमान-निकोबार द्वीप और हिमालय समेत, बाहर से लाया गया पेड़ बताती है, देसी नहीं; इसका एकमात्र मूल घर मेडागास्कर है।
ICRAF के अनुसार इसकी प्राकृतिक जलवायु में मोटे तौर पर साल में 700–1,200 मिमी बारिश होती है, और यह समुद्र तल से लगभग 2,000 मीटर तक मिलता है; ICRAF यह भी कहता है कि पानी देकर इसे कम बारिश वाली जगहों पर भी उगाया जा सकता है।
- अच्छा उगता है: उत्तरी मैदान, मध्य भारत, पूर्वी भारत, दक्षिणी प्रायद्वीप, तटीय इलाक़े और द्वीप, खुली और धूप वाली जगहों पर। eFlora of India के सदस्यों के अनुसार दिल्ली, मुंबई, ठाणे और कोलकाता जैसे शहरों में यह सड़कों के किनारे का आम पेड़ है।
- सावधानी से: सूखा उत्तर-पश्चिम, जिसमें राजस्थान भी है, जहाँ छोटे पेड़ को पहले सूखे मौसमों में पानी और पाले वाली रातों में ढकाव चाहिए। Plants of Rajasthan में इसे कोटा, बूंदी और उदयपुर के आसपास लगाए गए पेड़ के रूप में दर्ज किया गया है।
- अनुकूल नहीं: तेज़ पाला, ऊँचा हिमालय और छाँव। ICFRE के अनुसार छाँव में यह पतला और लंबा-सा हो जाता है, और ICRAF के अनुसार छाँव और बहुत गीली जगहों में इस पर फूल कम आते हैं।
अच्छे निकास वाली कई तरह की मिट्टी में यह उग जाता है, और ICRAF के अनुसार इसे रेतीली मिट्टी ज़्यादा पसंद है। ऐसी नीची जगह से बचें जहाँ बारिश का पानी भरता हो।
गुलमोहर को कैसे पहचानें
फूलों के मौसम के बाहर सबसे आसान पहचान पत्ती है: बहुत बड़ी, पंख जैसी और फ़र्न की तरह दो बार बँटी हुई, सैकड़ों छोटी-छोटी पत्तियों से बनी, जो शाम को सिमट जाती हैं (Flowers of India)।
- पत्तियाँ: Flora of China के अनुसार पूरी पत्ती मोटे तौर पर 20–60 सेमी लंबी होती है, उसमें लगभग 15–20 जोड़ी बगल की शाखाएँ होती हैं, और हर शाखा पर कई छोटी, लंबूतरी पत्तियाँ होती हैं, जो मोटे तौर पर केवल 4–8 मिमी लंबी होती हैं।
- फूल: बड़े, चटक लाल से नारंगी-लाल, मोटे तौर पर 7–10 सेमी चौड़े (Flora of China), चार फैली हुई चम्मच जैसी पंखुड़ियों और एक खड़ी पंखुड़ी वाले, जिस पर पीले और सफ़ेद निशान होते हैं (Flowers of India)। ये डालियों के सिरों के पास बड़े गुच्छों में आते हैं, उत्तर और मध्य भारत में ज़्यादातर अप्रैल–जून में।
- फलियाँ: चपटी, लकड़ी जैसी सख़्त, पकने पर गहरी भूरी से लगभग काली, मोटे तौर पर 30–60 सेमी लंबी और 3.5–5 सेमी चौड़ी (Flora of China)। ICFRE के अनुसार ये बहुत समय तक पेड़ पर लटकी रहती हैं, अक्सर अगले फूल आने तक।
- छाल और आकार: धूसर-भूरी, लगभग चिकनी छाल जिस पर कई छोटे-छोटे बिंदु होते हैं, और लंबी, लगभग आड़ी डालियों पर फैला हुआ, छतरी जैसा छत्र (ICRAF)।
- मिलता-जुलता पौधा: पीकॉक फ़्लावर या गुलेतूरा (Caesalpinia pulcherrima), जो इसी से जुड़ा पौधा है और जिसके फूल भी लाल-नारंगी और पत्तियाँ भी पंख जैसी होती हैं, कभी-कभी "बौना गुलमोहर" (dwarf poinciana) कहलाता है। Flowers of India के अनुसार यह मोटे तौर पर 3 मीटर का झाड़ी जैसा छोटा पेड़ ही रहता है, इसके फूल छोटे होते हैं और साल भर आते रहते हैं।
स्रोत: ICFRE (2019). A Manual: Modern Nursery Techniques, species 25: Delonix regia (Boj) Rafin, p. 70; Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Delonix regia. ICRAF; Kew World Checklist of Vascular Plants via GBIF: Delonix regia (Bojer ex Hook.) Raf., native Madagascar; introduced India, Assam, Andaman Is., Nicobar Is., West and East Himalaya; Flowers of India: Gulmohar (Delonix regia); Flowers of India: Peacock Flower (Caesalpinia pulcherrima); Flora of China Vol. 10: Delonix regia; eFlora of India: Delonix regia; Plants of Rajasthan: Delonix regia (Bojer ex Hook.) Raf. (cultivated; Kota, Bundi, Udaipur; flowering April-May)
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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