गुलमोहर (Delonix regia): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएँ
Delonix regia
गुलमोहर (Delonix regia), जिसे अंग्रेज़ी में फ़्लेम ट्री या रॉयल पॉइंसियाना कहते हैं, मेडागास्कर से आया गर्मियों में फूलने वाला, सड़क किनारे का पेड़ है। जानिए यह कैसा दिखता है, भारत में कहाँ उगता है, कब फूलता है, इसे कब और कैसे लगाएँ, पहले तीन साल कैसे सँभालें, और क्या यह हानिकारक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुलमोहर को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं और इसका वैज्ञानिक नाम क्या है?
अंग्रेज़ी में गुलमोहर को फ़्लेम ट्री (flame tree) या रॉयल पॉइंसियाना (royal poinciana) कहते हैं; इसके दूसरे अंग्रेज़ी नाम फ़्लैम्बॉयंट, गोल्ड मोहर और मे फ़्लावर ट्री हैं। इसका वैज्ञानिक नाम Delonix regia (Hook.) Raf. है, यह दलहनी कुल Fabaceae का पेड़ है, और पुरानी किताबों में इसे Poinciana regia कहा गया है। हिंदी में इसे गुलमोहर कहते हैं (अंग्रेज़ी अक्षरों में gulmohur या gul mohr भी), और बांग्ला में कृष्णचूड़ा।
गुलमोहर का पेड़ कैसा होता है?
गुलमोहर चौड़ा, छतरी जैसा पेड़ है, जिसकी पत्तियाँ बहुत बड़ी, पंख जैसी और फ़र्न जैसी होती हैं, और जो आमतौर पर मोटे तौर पर 10-15 मीटर ऊँचा होता है (ICRAF)। गर्म महीनों में यह चटक लाल से नारंगी-लाल फूलों के बड़े गुच्छों से भर जाता है; हर फूल में चार फैली हुई पंखुड़ियाँ और एक खड़ी पंखुड़ी होती है, जिस पर पीले और सफ़ेद निशान होते हैं (Flowers of India)। इसकी चपटी, सख़्त फलियाँ, मोटे तौर पर 30-60 सेमी लंबी (Flora of China), गहरी भूरी हो जाती हैं और महीनों तक डालियों पर लटकी रहती हैं। झाड़ी जैसे पीकॉक फ़्लावर (गुलेतूरा) के फूल मिलते-जुलते होते हैं, पर वह मोटे तौर पर 3 मीटर ऊँचा ही रहता है।
गुलमोहर का पेड़ कैसे लगाएं?
मानसून की बारिश से मिट्टी गीली हो जाने के बाद वन विभाग या भरोसेमंद नर्सरी से पॉलीबैग वाला पौधा लें और उसे पूरी धूप वाली, अच्छे निकास वाली और काफ़ी खुली जगह पर लगाएँ। हर तरफ़ लगभग 60 सेमी का गड्ढा हमारा मोटा अनुमान है: निकली हुई मिट्टी में अच्छी सड़ी गोबर की खाद मिलाकर भरें, पौधा उतनी ही गहराई पर लगाएँ जितना वह थैली में था, थावला बनाएँ और बकरियों व मवेशियों से बचाने के लिए ट्री-गार्ड लगाएँ। इसे घर, दीवार और पाइपों से लगभग 8-10 मीटर दूर रखें, यह केवल शुरुआती अंदाज़ा है, सुरक्षित दूरी नहीं, और पहले दो-तीन साल सूखे दिनों में पानी दें।
गुलमोहर लगाने का सबसे अच्छा समय कब है?
मानसून के साथ, जब मिट्टी अच्छी तरह गीली हो जाए: ICFRE के अनुसार नर्सरी के पौधे बरसात तक तैयार हो जाते हैं। मोटे अनुमान के तौर पर: उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र (राजस्थान समेत), उत्तरी मैदानों और मध्य भारत में जुलाई या अगस्त; पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप में जून से अगस्त; पूर्वोत्तर में मई से जुलाई; और पश्चिमी तट पर जून से जुलाई। अक्टूबर से नवंबर केवल वहाँ के लिए है जहाँ मुख्य बारिश उत्तर-पूर्वी मानसून से होती है, जैसे तमिलनाडु का तट। अप्रैल से जून के गर्म, सूखे महीनों में न लगाएँ, और पाले वाले इलाक़ों में सर्दी में भी नहीं।
गुलमोहर में फूल कब आते हैं और पौधा कितने साल में फूलता है?
उत्तर और मध्य भारत में यह ज़्यादातर लगभग अप्रैल से जून तक फूलता है, अक्सर लगभग बिना पत्तों की डालियों पर; eFlora of India के सदस्यों के अनुसार दिल्ली, पुणे और मुंबई में पहले फूल अप्रैल में आते हैं (दिल्ली में मई की शुरुआत में सबसे ज़्यादा और जून तक ख़त्म), कोलकाता में अप्रैल-जून, और बेंगलुरु में मई में, जहाँ इसे मे फ़्लावर कहते हैं। ICRAF के अनुसार छोटा पेड़ आमतौर पर चौथे या पाँचवें साल में फूलने लगता है और तेज़ी से बढ़ता है। छाँव में फूल कम आते हैं, इसलिए इसे पूरी धूप में लगाएँ।
क्या गुलमोहर राजस्थान में उगता है?
हाँ, सावधानी के साथ: राजस्थान में यह लगाया हुआ पेड़ है, और Plants of Rajasthan में इसे कोटा, बूंदी और उदयपुर के आसपास दर्ज किया गया है, जहाँ यह अप्रैल-मई में फूलता है। ICRAF के अनुसार इसकी प्राकृतिक बारिश मोटे तौर पर साल में 700-1,200 मिमी है, इसलिए सूखे उत्तर-पश्चिम में छोटे पेड़ को पहले सूखे मौसमों में पानी चाहिए। ICFRE के अनुसार तेज़ पाला इसके अनुकूल नहीं है, इसलिए पहली दो सर्दियों में पाले वाली रातों में पौधों को ढकें।
क्या गुलमोहर का पेड़ हानिकारक या ज़हरीला है?
गुलमोहर ज़हरीले पेड़ के रूप में नहीं जाना जाता, पर इसकी पक्की जानकारी उपलब्ध नहीं है: हमें इसके बीज, फलियों, फूलों या छाल पर कोई भरोसेमंद आँकड़ा नहीं मिला, और ASPCA में इसकी कोई प्रविष्टि नहीं है। बच्चों और पालतू जानवरों को इसका कोई भी हिस्सा चबाने न दें, और अगर कोई कुछ निगलने के बाद बीमार लगे तो डॉक्टर या पशु-चिकित्सक को दिखाएँ; आपात स्थिति में राष्ट्रीय विष सूचना केंद्र, एम्स नई दिल्ली, 1800 116 117 पर फ़ोन करें। व्यवहार में बड़े ख़तरे इसकी उथली जड़ें हैं, जो फ़ुटपाथ और दीवारें तोड़ सकती हैं, और कमज़ोर लकड़ी, जो आँधी में टूट या उखड़ सकती है (ICRAF)।
गुलमोहर का पेड़ घर के पास लगाना शुभ है या अशुभ?
हमें ऐसा कोई भरोसेमंद स्रोत नहीं मिला जो गुलमोहर को शुभ या अशुभ बताए; यह भारत में मोटे तौर पर पिछले 150 साल के भीतर ही आया (ICFRE), और हमें इसकी किसी पारंपरिक धार्मिक भूमिका का कोई स्रोत नहीं मिला। ऐसी मान्यताएँ हर परिवार में अलग होती हैं। ज़्यादा ज़रूरी बात जगह है: इसकी ऊपरी जड़ें, कमज़ोर डालियाँ और गिरती फलियाँ इसे घर से सटाकर लगाने के लिए ठीक नहीं बनातीं, इसलिए इसे खुली जगह में लगाएँ।
क्या गुलमोहर को गमले में उगा सकते हैं?
केवल थोड़े समय के लिए, यह सामान्य सलाह है: छोटा पौधा एक मौसम तक नीचे छेद वाले बड़े गमले में रह सकता है, पर गुलमोहर तेज़ी से बढ़ने वाला पेड़ है जो लगभग 18 मीटर तक पहुँच सकता है (ICFRE), और जिसका छत्र और उथली जड़ें दूर तक फैलती हैं (ICRAF)। लंबे समय तक गमले में उगाने पर हमें कोई स्रोत नहीं मिला, इसलिए इसे खुली ज़मीन में लगाने की योजना बनाएँ।
क्या गुलमोहर भारत का देसी पेड़ है?
नहीं: गुलमोहर का मूल घर केवल उत्तरी और पश्चिमी मेडागास्कर है (Kew), और Kew की सूची इसे भारत में बाहर से लाया गया पेड़ बताती है। ICFRE के अनुसार इसे मोटे तौर पर पिछले 150 साल के भीतर भारत लाया गया और अब यह बाग़ों और सड़कों के किनारे ख़ूब लगाया जाता है। IUCN रेड लिस्ट में यह Least Concern (वैश्विक आकलन, 2014) श्रेणी में है।
स्रोत: ICFRE (2019). A Manual: Modern Nursery Techniques, species 25: Delonix regia (Boj) Rafin, p. 70; Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Delonix regia. ICRAF; Kew World Checklist of Vascular Plants via GBIF: Delonix regia (Bojer ex Hook.) Raf., native Madagascar; introduced India, Assam, Andaman Is., Nicobar Is., West and East Himalaya; Kew Plants of the World Online: Delonix regia (native range N. & W. Madagascar; recorded uses); IUCN Red List: Rivers M. (2014). Delonix regia (Least Concern), e.T32947A2828337; Flowers of India: Gulmohar (Delonix regia); Flowers of India: Peacock Flower (Caesalpinia pulcherrima); Flora of China Vol. 10: Delonix regia; eFlora of India: Delonix regia; Plants of Rajasthan: Delonix regia (Bojer ex Hook.) Raf. (cultivated; Kota, Bundi, Udaipur; flowering April-May); ASPCA Animal Poison Control: Poinciana (Caesalpinia gilliesii), a different plant; no Delonix regia entry found
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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