गुलमोहर (Delonix regia): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएँ
Delonix regia
गुलमोहर (Delonix regia), जिसे अंग्रेज़ी में फ़्लेम ट्री या रॉयल पॉइंसियाना कहते हैं, मेडागास्कर से आया गर्मियों में फूलने वाला, सड़क किनारे का पेड़ है। जानिए यह कैसा दिखता है, भारत में कहाँ उगता है, कब फूलता है, इसे कब और कैसे लगाएँ, पहले तीन साल कैसे सँभालें, और क्या यह हानिकारक है।
लाभ
गुलमोहर के फ़ायदे
गुलमोहर की असली देन रंग और गर्मियों की चौड़ी छाँव है: यह सबसे पहले सजावटी और सड़क किनारे का पेड़ है, फल या इमारती लकड़ी का पेड़ नहीं।
- रंग: ICRAF के अनुसार इसे मुख्य रूप से सड़कों और बाग़ों के सजावटी पेड़ के रूप में महत्व दिया जाता है। यह गर्म महीनों में फूलता है।
- छाँव: ICRAF में इसे डेयरी फ़ार्म, चाय बाग़ानों और अहातों में छाँव के पेड़ के रूप में दर्ज किया गया है। सूखे इलाक़ों में छाँव मौसमी होती है, क्योंकि वसंत में कुछ समय पेड़ बिना पत्तों के रहता है।
- मधुमक्खियाँ और शहरी जीव: ICRAF के अनुसार इसके फूल मधुमक्खियों के भोजन के लिए जाने जाते हैं, और Plants of Rajasthan के अनुसार इसका चौड़ा छत्र शहरी जीवों को छाँव और घोंसले की जगह देता है।
- ईंधन, गोंद और मनके: फलियाँ और लकड़ी ईंधन के काम आती हैं, पेड़ से गोंद निकलता है, और सख़्त बीज कभी-कभी मनकों की तरह इस्तेमाल होते हैं (ICRAF)। लकड़ी नरम और कमज़ोर होती है, इसलिए इसे इमारती लकड़ी के लिए नहीं उगाया जाता।
पारंपरिक उपयोग
ICRAF के अनुसार इसकी छाल के पारंपरिक औषधीय उपयोग हैं, और Kew इस प्रजाति के दर्ज उपयोगों में दवा को भी गिनता है। पारंपरिक उपयोग से यह साबित नहीं होता कि कोई हिस्सा असर करता है या सुरक्षित है। छाल, बीज या फूलों को घरेलू इलाज की तरह इस्तेमाल न करें, और किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य डॉक्टर से बात करें।
- सजावटी: मुख्य रूप से सड़कों और बाग़ों के सजावटी पेड़ के रूप में महत्व (ICRAF); गर्म महीनों में, उत्तर और मध्य भारत में ज़्यादातर अप्रैल-जून में, चटक लाल से नारंगी-लाल फूलों के बड़े गुच्छे।
- छाया और ठंडक: ICRAF में इसे डेयरी फ़ार्म, चाय बाग़ानों और अहातों में छाँव के पेड़ के रूप में दर्ज किया गया है; सूखे इलाक़ों में छाँव मौसमी होती है, क्योंकि वसंत में कुछ समय पेड़ बिना पत्तों के रहता है।
- परागणकर्ता: ICRAF के अनुसार इसके फूल मधुमक्खियों के भोजन के लिए जाने जाते हैं।
- जैव विविधता: Plants of Rajasthan के अनुसार इसका चौड़ा छत्र शहरी जीवों को छाँव और घोंसले की जगह देता है।
- अन्य: फलियाँ और लकड़ी ईंधन के काम आती हैं, पेड़ से गोंद निकलता है, और सख़्त बीज कभी-कभी मनकों की तरह इस्तेमाल होते हैं (ICRAF)। लकड़ी नरम और कमज़ोर होती है, इसलिए यह इमारती लकड़ी का पेड़ नहीं है।
- औषधीय: ICRAF के अनुसार छाल के पारंपरिक औषधीय उपयोग हैं, और Kew दर्ज उपयोगों में दवा को भी गिनता है। पारंपरिक उपयोग से यह साबित नहीं होता कि कोई हिस्सा असर करता है या सुरक्षित है; इसे घरेलू इलाज की तरह इस्तेमाल न करें, और योग्य डॉक्टर से बात करें।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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