बेल का पेड़: जयपुर में लगाने और देखभाल की पूरी जानकारी
Aegle marmelos
बेल एक मज़बूत देशी फलदार पेड़ है जो 48°C की गर्मी, सूखा और खारी मिट्टी झेल लेता है। जानिए जयपुर में इसे कब और कैसे लगाएँ, देखभाल कैसे करें, इसके उपयोग और ज़रूरी सावधानियाँ।
बेल कैसे लगाएँ
कब: सबसे अच्छा समय जुलाई–अगस्त है, ताकि धीरे बढ़ने वाले पौधे को सर्दी से पहले जड़ें जमाने के लिए पूरा मानसून मिल जाए। सिंचाई न हो तो जून में मानसून की पहली बारिश के ठीक बाद लगाएँ। फ़रवरी–मार्च में तभी लगाएँ जब नियमित पानी दे सकें।
कौन-सा पौधा: कलमी (बडिंग या ग्राफ़्टिंग वाला) पौधा चुनें। कलमी पेड़ 3–4 साल में फल देता है, जबकि बीज से उगा पौधा 7–8 साल लेता है। गोमा यशी जैसी बिना काँटे वाली किस्म की गारंटी केवल कलमी पौधे से ही मिलती है।
तरीका:
- लगाने से लगभग दो महीने पहले 1 मीटर × 1 मीटर × 1 मीटर का गड्ढा खोदें। ऊसर मिट्टी में खुले गड्ढे को दो-तीन बार बारिश से धुलने दें।
- खोदी गई ऊपर की आधी मिट्टी में 3–4 टोकरी अच्छी सड़ी गोबर की खाद और 1 किलो नीम की खली या 500 ग्राम हड्डी का चूरा मिलाएँ। गड्ढे को ज़मीन से 6–10 सेमी ऊपर तक भरें।
- ऊसर मिट्टी में 5–8 किलो जिप्सम और 20 किलो रेत मिलाएँ, और भरने के 20–25 दिन बाद पौधा लगाएँ।
- पौधे को उसी गहराई पर लगाएँ जितना वह नर्सरी की थैली में था, और कलम का जोड़ मिट्टी से ऊपर रखें। छोटे पौधे को लकड़ी का सहारा दें।
- लगाते ही पानी दें, फिर पौधा जमने तक हर हफ़्ते पानी दें।
दूरी: सामान्य दूरी 8 मीटर × 8 मीटर है। छोटी किस्में पास लगाई जा सकती हैं: NB-5 को 6 × 6 मीटर पर, NB-9 को 8 × 6 मीटर पर।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
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