अर्जुन का पेड़ (Terminalia arjuna): जयपुर में इसे कैसे लगाएँ और देखभाल करें
Terminalia arjuna
अर्जुन भारत के नदी-किनारों का बड़ा देसी छायादार पेड़ है, जिसे आयुर्वेद में महत्व दिया गया है। नमी वाली, निचली जगह पर लगाने और शुरुआती वर्षों में पानी देने पर यह जयपुर में अच्छा पनपता है। जानिए इसे कब और कैसे लगाएँ और किन बातों का ध्यान रखें।
अर्जुन कैसे लगाएँ
कब लगाएँ
- सबसे अच्छा: जुलाई से अगस्त। मानसून की बारिश से पौधा आसानी से जम जाता है और गर्मी से पहले उसे बढ़ने का पूरा मौसम मिलता है।
- दूसरा विकल्प: फ़रवरी से मार्च, केवल तभी जब अप्रैल से जून तक नियमित पानी दे सकें। इससे पौधा अपनी पहली सर्दी के पाले से बच जाता है।
- न लगाएँ: अक्टूबर से जनवरी (पाले का खतरा) और अप्रैल से जून (गर्मी)।
पौधा, गड्ढा और दूरी
- बीज से तैयार नर्सरी का पौधा लें, लगभग 1 से 1.5 साल पुराना और 60 से 120 सेमी ऊँचा, एक मज़बूत तने वाला।
- लगभग 60 × 60 × 60 सेमी का गड्ढा खोदें। ऊपरी मिट्टी में 5 से 10 किलो अच्छी सड़ी गोबर की खाद और दीमक से बचाव के लिए थोड़ी नीम खली मिलाकर भरें।
- पौधे को उतनी ही गहराई पर लगाएँ जितना वह नर्सरी की थैली में था। 1 से 1.2 मीटर चौड़ा थाला बनाएँ, और तने के पास पानी न रुकने दें।
- पेड़ों के बीच 8 से 10 मीटर की दूरी रखें, और इमारतों व दीवारों से कम से कम 8 मीटर दूर लगाएँ।
- ट्री-गार्ड लगाएँ, क्योंकि गाय-बकरियाँ इसके पत्ते खाती हैं।
जयपुर में पहले साल की सिंचाई
ये व्यावहारिक सुझाव हैं; बारिश और मिट्टी की नमी देखकर घटाएँ-बढ़ाएँ।
| मौसम | कितनी बार | कितना पानी |
|---|---|---|
| जुलाई से सितंबर | केवल तब, जब 7 से 10 दिन बारिश न हो | 15 से 20 लीटर |
| अक्टूबर से फ़रवरी | हर 7 से 10 दिन | लगभग 20 लीटर |
| मार्च से अप्रैल | हर 5 से 7 दिन | 20 से 25 लीटर |
| मई से जून | हर 3 से 4 दिन, सुबह जल्दी | 25 से 30 लीटर |
ड्रिप सिंचाई अच्छी रहती है। मई-जून में गहरी सिंचाई लगभग पहले पाँच वर्षों तक जारी रखना फ़ायदेमंद है।
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।
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