आम का पेड़ (Mangifera indica): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएं
Mangifera indica
आम का वैज्ञानिक नाम Mangifera indica है, यह पूरे भारत में लगाया जाने वाला सदाबहार फल-वृक्ष है। जानिए आम का कलमी पेड़ कब और कैसे लगाएं, गुठली से पौधा कैसे उगाएँ, क्या यह गमले में रह सकता है, इसे कैसे पहचानें, पहले तीन साल की देखभाल और किन बातों का ध्यान रखें।
भारत में आम कहाँ उगता है
NABARD के अनुसार आम समुद्र तल से लगभग 1,400 मीटर की ऊँचाई तक भारत के ज़्यादातर मैदानों और पठारों में उगता है, बशर्ते मिट्टी गहरी हो, पानी जल्दी निकल जाए और फूल आने का मौसम सूखा रहे। क्यू (Kew) की विश्व सूची (GBIF के ज़रिए देखी गई) इसका मूल क्षेत्र असम और पूर्वी हिमालय से म्यांमार, थाईलैंड और दक्षिण-मध्य चीन तक बताती है, जबकि ICRAF भारत, बांग्लादेश, मलेशिया और म्यांमार गिनाता है; इंडियन जर्नल ऑफ़ हॉर्टिकल्चर के 2019 के एक अध्ययन के अनुसार भारत में आम की खेती लगभग 4,000 साल से हो रही है।
TNAU के एग्रीटेक पोर्टल पर छपी NABARD की आम संबंधी जानकारी यह भी कहती है कि फूल आने के समय ज़्यादा नमी, बारिश या पाला नहीं होना चाहिए। ICRAF के अनुसार यह साल में 300–2,500 मिमी बारिश में उगता है और अच्छे फल के लिए इसे 3 महीने से ज़्यादा का सूखा मौसम चाहिए। मिट्टी के लिए NABARD कम से कम 6 फ़ुट गहरी, अच्छे निकास वाली और लगभग 5.5–7.5 pH वाली मिट्टी बताता है, और विकासपीडिया का आम कैलेंडर पानी भरने वाली ज़मीन और काली कपासी (ब्लैक कॉटन) मिट्टी से बचने को कहता है।
भारत के अलग-अलग हिस्सों में यह कैसा रहता है (इन स्रोतों के आधार पर हमारा आकलन):
- अच्छा उगता है: उत्तरी मैदान, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर (इसका मूल इलाक़ा), मध्य भारत, पूर्वी तट, दक्षिणी प्रायद्वीप, और अच्छे निकास वाली ज़मीन पर पश्चिमी तट।
- सावधानी के साथ: उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र, जिसमें राजस्थान का बड़ा हिस्सा आता है, केवल वहीं जहाँ आप नियमित पानी दे सकें, और हिमालय की कम ऊँचाई वाली तलहटी जहाँ पाला हल्का पड़ता है। बीकानेर की गर्म, सूखी जलवायु में ICAR के केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के एक परीक्षण (सिंह और भार्गव, 2011) में, खेत में छोटे पौधों का नुक़सान अलग-अलग प्रकार के पौधों में बहुत अलग रहा।
- उपयुक्त नहीं: ऊँचा हिमालय, और कोई भी निचली जगह जहाँ बारिश के बाद पानी भरा रहता है।
आम का पेड़ कैसे पहचानें
आम के पेड़ को उसकी लंबी, चमड़े जैसी सख़्त पत्तियों और घने, गहरे हरे छत्र से सबसे आसानी से पहचाना जा सकता है; ICRAF इसे लगभग 20 मीटर तक ऊँचा सदाबहार पेड़ बताता है।
- पत्तियाँ: एकांतर (एक-एक करके), चमड़े जैसी, लंबी और पतली (ICRAF के अनुसार लगभग 16–30 सेमी लंबी और 3–7 सेमी चौड़ी), टहनियों के सिरों पर गुच्छे में (Flowers of India)। नई पत्तियाँ लाल होती हैं और फिर चमकदार गहरी हरी हो जाती हैं (ICRAF)।
- फूल: बहुत छोटे, हरे-सफ़ेद या हल्के गुलाबी और ख़ुशबूदार, बड़े शाखाओं वाले गुच्छों (मंजरी या बौर) में (ICRAF)। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के एक अध्ययन (तिवारी और साथी, 2019) में पहली मंजरियाँ जनवरी के आख़िर से फ़रवरी के आख़िर के बीच निकलीं।
- फल: अंडे जैसा और थोड़ा चपटा, आमतौर पर 8–12 सेमी लंबा (ICRAF), लंबे डंठल पर लटका हुआ, अंदर एक बड़ी चपटी गुठली। सबौर के अध्ययन में पूरे बौर से फल पकने तक लगभग 98–109 दिन लगे; TNAU के अनुसार तमिलनाडु में तुड़ाई मार्च से जून तक होती है।
- छाल: भूरी और लगभग चिकनी, जिसमें कई पतली दरारें होती हैं, और आगे चलकर गहरी, खुरदरी और खाँचेदार हो जाती है (ICRAF); ICRAF के अनुसार कटी टहनियों से सफ़ेद-सा दूध (लेटेक्स) निकलता है।
- मिलता-जुलता पेड़: जामुन (Syzygium cumini) की पत्तियाँ भी चमकदार होती हैं और नई बढ़वार ताँबे जैसी, पर ICRAF के अनुसार उसकी पत्तियाँ आमने-सामने (जोड़ों में) और छोटी, लगभग 7–18 सेमी होती हैं, और फल गुच्छों में छोटे बैंगनी-काले होते हैं।
स्रोत: Kew World Checklist of Vascular Plants (via GBIF): Mangifera indica L., accepted name; native Assam, East Himalaya, Myanmar, Thailand, China South-Central; India (TDWG IND) listed as introduced; Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Mangifera indica. ICRAF; TNAU Agritech Portal, Horticulture: Mango (soil, planting season, spacing, pit, graft union, flower removal, irrigation, harvest, pests); NABARD model bank scheme: Mango Cultivation (hosted on TNAU Agritech banking portal; climate, soil, propagation, planting, shading, training, irrigation, bearing age); Vikaspedia (Govt of India): Mango month-wise calendar of operations (soil to avoid, graft quality, staking, rootstock shoots, flower pinching, mulching); Tiwari D.K. et al. (2019). Floral and flushing pattern of baramasi, regular and biennial bearing cultivars of mango in Eastern India. Indian J. Hort. 76(1): 38-43 (Bihar Agricultural University, Sabour); Singh S.K. and Bhargava R. (2011). Mango performance under hot arid conditions, ICAR-CIAH Bikaner (Journal of Tropical Agriculture; abstract seen via search, not read in full); Flowers of India: Mango (Indian-language names, leaves, flowers, lifespan); Orwa C. et al. (2009). Agroforestree Database 4.0: Syzygium cumini (look-alike: opposite leaves 7-18 cm, purple-black berries). ICRAF
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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