सागवान (Tectona grandis): भारत में कहाँ उगता है और इसे कैसे लगाएं
Tectona grandis
सागवान या सागौन (टीक) का वैज्ञानिक नाम Tectona grandis है। यह भारत का सबसे मशहूर इमारती लकड़ी वाला पेड़ है, जो प्रायद्वीप और मध्य भारत के जंगलों का मूल पेड़ है और दक्षिणी राजस्थान तक पहुँचता है। जानिए इसे कैसे और कब लगाएं, कैसे पहचानें, यह कितनी तेज़ी से बढ़ता है, पहले तीन साल की देखभाल, और किन बातों का ध्यान रखें।
परिचय
सागवान या सागौन, जिसे अंग्रेज़ी में टीक (teak) कहते हैं, Tectona grandis है: एक ऊँचा, पतझड़ी, इमारती लकड़ी वाला पेड़, जो प्रायद्वीपीय और मध्य भारत के जंगलों में अपने-आप उगता है और उत्तर में दक्षिणी राजस्थान की पहाड़ियों तक पहुँचता है। भारत की सबसे मशहूर फ़र्नीचर की लकड़ी इसी पेड़ से आती है, और इसे पूरे देश में खेतों, सड़कों के किनारे और स्कूलों के मैदानों में लगाया जाता है।
बारिश के मौसम में सागवान को पहचानना आसान है: बड़े-बड़े पत्ते, जो अक्सर स्कूल के फ़ुटे (रूलर) जितने लंबे होते हैं, और पेड़ के ऊपरी हिस्से में छोटे सफ़ेद फूलों के झागदार गुच्छे। सूखे मौसम में यह बिना पत्तों के खड़ा रहता है। यह शुरू में तेज़ी से बढ़ता है, लंबी उम्र वाला पेड़ है और छोटी जगहों के लिए ठीक नहीं है।
फ़ोटो: "Teak plantation in Kerala", Anand.osuri, CC BY-SA 4.0, विकिमीडिया कॉमन्स के माध्यम से
एक नज़र में
| वैज्ञानिक नाम | Tectona grandis L.f. (Kew WCVP, GBIF के ज़रिए) |
| कुल | Lamiaceae (तुलसी-पुदीना कुल); पुरानी किताबें इसे Verbenaceae में रखती हैं |
| हिंदी नाम | सागवान (Sagwan), सागौन (Sagaun), सगुन (Sagun) भी |
| अंग्रेज़ी नाम | टीक (Teak); इंडियन ओक (Indian oak) भी (ICRAF) |
| दूसरे नाम | साग (मराठी, गुजराती), सेगुन (बांग्ला), तेक्कु (तमिल), टेकु (तेलुगु), सागुवानी (कन्नड़), थेक्कु (मलयालम), शाक (संस्कृत) |
| पूरी ऊँचाई | अच्छी परिस्थितियों में 30 मीटर से ज़्यादा (ICRAF); सूखी, उथली मिट्टी में काफ़ी छोटा |
| बढ़त | छोटी उम्र में तेज़; ICRAF के अनुसार लगभग 15–20 साल बाद बढ़त धीमी हो जाती है |
| पत्ते | बहुत बड़े, आमने-सामने जोड़ों में, लगभग 15–60 सेमी लंबे (KFRI) |
| फूल | बहुत छोटे, सफ़ेद से हल्के क्रीम रंग के, डालियों के सिरों पर बड़े गुच्छों में, ज़्यादातर बारिश के मौसम में |
| पानी की ज़रूरत | मध्यम; पानी भराव सहन नहीं करता (ICRAF) |
| लगाने का मौसम | भारत के ज़्यादातर हिस्सों में मानसून के साथ; महीने केवल एक मार्गदर्शन हैं, रोपण कैलेंडर देखें |
| कहाँ अच्छा उगता है | मध्य भारत, दक्कन, पश्चिमी घाट और उसकी तलहटी, और दक्षिणी राजस्थान की पहाड़ियाँ |
| संरक्षण स्थिति | संकटग्रस्त (Endangered) (IUCN रेड लिस्ट का वैश्विक आकलन, 2022) |

स्रोत: Kew World Checklist of Vascular Plants via GBIF: Tectona grandis L.f. (accepted; native distribution Assam, Bangladesh, Cambodia, India, Laos, Myanmar, Thailand, Vietnam; introduced in Sri Lanka, Java, Andaman Is. and others); GBIF species API: IUCN Red List category for Tectona grandis (ENDANGERED, iucnTaxonID 62019830); IUCN Red List: Gua B., Pedersen A. & Barstow M. (2022). Tectona grandis. e.T62019830A62019832 (Endangered; citation as given by Wikipedia, page not readable by script); eFlora of India: Tectona grandis (vernacular names)
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें
GreenEye की ज़मीन पर एक पेड़ लगाएं और उसे बढ़ते हुए ट्रैक करें।
यह लेख शेयर करें