उत्पाद का कार्बन फ़ुटप्रिंट (PCF) और जीवन चक्र मूल्यांकन (LCA) क्या है
उत्पाद का कार्बन फ़ुटप्रिंट क्या है, ISO 14040, 14044 और 14067 के तहत जीवन चक्र मूल्यांकन कैसे होता है, क्रेडल-टू-गेट और क्रेडल-टू-ग्रेव का फ़र्क़, EPD, और निर्यात वाले ख़रीदार भारतीय सप्लायरों से PCF क्यों माँगते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्पाद का कार्बन फ़ुटप्रिंट (product carbon footprint) क्या है?
उत्पाद का कार्बन फ़ुटप्रिंट किसी उत्पाद की एक यूनिट से उसके पूरे जीवन चक्र में जुड़ा कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और निष्कासन है, जिसे kg CO2e में बताया जाता है। इसे ISO 14067:2018 या GHG प्रोटोकॉल प्रोडक्ट स्टैंडर्ड (2011) जैसे मानकों के तहत निकाला जाता है।
LCA और कार्बन फ़ुटप्रिंट में क्या फ़र्क़ है?
LCA किसी उत्पाद के पूरे जीवन में पर्यावरण पर कई तरह के असर नाप सकता है, जैसे पानी का इस्तेमाल, वायु प्रदूषण और ज़मीन का इस्तेमाल। कार्बन फ़ुटप्रिंट वही जीवन चक्र वाला तरीक़ा अपनाता है पर सिर्फ़ एक असर देखता है: जलवायु परिवर्तन।
क्रेडल-टू-गेट (cradle-to-gate) का क्या मतलब है?
क्रेडल-टू-गेट में उत्पाद को कच्चे माल की खुदाई से लेकर आपकी फ़ैक्ट्री के गेट से निकलने तक गिना जाता है। इसमें वितरण, इस्तेमाल और जीवन का अंत शामिल नहीं होता। कास्टिंग, धागा या रसायन जैसे मध्यवर्ती उत्पादों के लिए यही आम सीमा है।
क्या भारत में ISO 14067 सर्टिफ़िकेशन ज़रूरी है?
अक्टूबर 2026 तक भारत का कोई क़ानून उत्पादों के लिए ISO 14067 ज़रूरी नहीं करता। यह एक स्वैच्छिक अंतरराष्ट्रीय मानक है, पर निर्यात वाले ख़रीदार और टेंडर ISO 14067 से निकाला गया और सत्यापित फ़ुटप्रिंट माँग सकते हैं, जैसे ISO 14064-3:2019 के तहत।
EPD क्या है और यह PCF से कैसे अलग है?
EPD, ISO 14025:2006 के तहत किसी उत्पाद के LCA नतीजों की सत्यापित, प्रकाशित घोषणा है, जो किसी उत्पाद श्रेणी नियम पर चलती है। इसमें आम तौर पर दूसरे असर के साथ कार्बन फ़ुटप्रिंट भी होता है, जबकि PCF सिर्फ़ जलवायु परिवर्तन देखता है और प्रकाशित हो भी सकता है और नहीं भी।
मेरे निर्यात वाले ग्राहक उत्पाद का कार्बन फ़ुटप्रिंट क्यों माँग रहे हैं?
क्योंकि आपका उत्पाद उनके स्कोप 3 का हिस्सा है, और बहुत से ख़रीदारों के जलवायु लक्ष्य और रिपोर्टिंग की ज़िम्मेदारियाँ हैं। स्टील, एल्युमिनियम, सीमेंट और उर्वरक के लिए CBAM जैसे EU नियम, और कुछ बैटरियों के कार्बन फ़ुटप्रिंट नियम भी आयातकों को सप्लायरों से उत्सर्जन डेटा जमा करने के लिए मजबूर करते हैं।
क्या उत्पाद का कार्बन फ़ुटप्रिंट और CBAM का अंतर्निहित उत्सर्जन एक ही चीज़ है?
नहीं। दोनों में कुछ बातें मिलती हैं, पर रेगुलेशन (EU) 2023/956 के तहत CBAM के अपने नियम हैं कि कौन सा उत्सर्जन गिना जाएगा और उसकी निगरानी व सत्यापन कैसे होगा। अच्छा PCF और प्लांट-स्तर का डेटा CBAM रिपोर्टिंग आसान बनाते हैं, पर उसकी जगह नहीं लेते।
क्या PCF निकालने के बाद मैं अपने उत्पाद को कार्बन न्यूट्रल कह सकता हूँ?
सिर्फ़ इसके आधार पर नहीं। PCF सिर्फ़ उत्सर्जन नापता है। कार्बन न्यूट्रैलिटी के दावों के अपने मानक हैं, जैसे ISO 14068:2026 (पहले ISO 14068-1:2023), और आम तौर पर इनके लिए कटौती, तय गुणवत्ता के ऑफ़सेट और सार्वजनिक खुलासा ज़रूरी होता है।
स्रोत: ISO 14067:2018 Greenhouse gases: Carbon footprint of products (ISO catalogue); ISO 14040:2006 Life cycle assessment: Principles and framework (ISO catalogue); ISO 14040:2006/Amd 1:2020 (ISO catalogue); ISO 14044:2006 Life cycle assessment: Requirements and guidelines (ISO catalogue); ISO 14044:2006/Amd 2:2020 (ISO catalogue); ISO 14064-3:2019 (ISO catalogue); GHG Protocol Product Life Cycle Accounting and Reporting Standard (2011); European Commission: Carbon Border Adjustment Mechanism; Regulation (EU) 2023/956 establishing a carbon border adjustment mechanism (EUR-Lex); Central Electricity Authority, CO2 Baseline Database for the Indian Power Sector, User Guide Version 22.0 (August 2026); ISO 14068:2026 Climate change management: Carbon neutrality (ISO committee page; replaces ISO 14068-1:2023)
यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है और GreenEye टीम ने इसे हर भाग में दिए गए स्रोतों से जाँचा है।
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