12A और 80G पंजीकृतदान पर कर लाभ+91 92264 92263
पौधादेशी पेड़पवित्र वृक्ष

पीपल का पेड़ (Ficus religiosa): जयपुर में कैसे लगाएँ और देखभाल करें

Ficus religiosa

पीपल, यानी अश्वत्थ, लंबी उम्र वाला छायादार पेड़ है जो पक्षियों और चमगादड़ों को भोजन देता है और पूरे भारत में पूजा जाता है। जानिए जयपुर में इसे कैसे लगाएँ, पहले तीन साल कैसे सँभालें, और इसे खुली जगह क्यों चाहिए।

सांस्कृतिक महत्व

बौद्ध धर्म में पीपल पवित्र है, क्योंकि माना जाता है कि राजकुमार सिद्धार्थ को बोधगया में एक पीपल के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था। हिंदू परंपरा में यह ब्रह्मा, विष्णु और शिव से जुड़ा है, और भगवद्गीता (10.26) में श्रीकृष्ण कहते हैं, "सब वृक्षों में मैं अश्वत्थ हूँ।" जैन धर्म में भी यह पवित्र है। बहुत से लोग पीपल की परिक्रमा करते हैं, उस पर कलावा बाँधते हैं और जल चढ़ाते हैं। पारंपरिक रूप से गाँव की सभाएँ और पंचायतें पीपल के नीचे होती आई हैं, और बहुत से लोग पीपल काटना ग़लत मानते हैं।

यह लेख AI की सहायता से तैयार किया गया है। महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि हर भाग में दिए गए स्रोतों से करें।

ऐसा पेड़ लगाएं जिसे आप ट्रैक कर सकें

GreenEye अपनी ज़मीन पर ऐसे ही पेड़ लगाता है। अपने पेड़ को बढ़ते हुए ट्रैक करें।

विश्वकोश पर वापस जाएं